विशेष संवाददाता, गोरखपुर

पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के सबसे व्यस्ततम स्टेशनों में शुमार गोरखपुर जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF), अपराध आसूचना शाखा (CIB) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। मंगलवार को चलाए गए विशेष निगरानी अभियान के तहत टीम ने प्लेटफार्म नंबर 2 के पूर्वी छोर से एक शातिर तस्कर को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी के पास से 14.200 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 14 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है।

मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया गया जाल

रेलवे सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और ट्रेनों के जरिए हो रही अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ, लखनऊ मंडल) तथा सहायक सुरक्षा आयुक्त (गोरखपुर) के निर्देशन में स्टेशन पर लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

इसी अभियान के दौरान संयुक्त टीम को मुखबिर से पुख्ता इनपुट मिला कि बिहार का एक कैरियर भारी मात्रा में नशीली खेप लेकर प्लेटफार्म नंबर दो पर मौजूद है और किसी लंबी दूरी की ट्रेन से इसे आगे खपाने की फिराक में है। सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट प्रभारी, सीआईबी इंस्पेक्टर और जीआरपी थाना पुलिस ने त्वरित रणनीति बनाई और प्लेटफार्म के दोनों निकास रास्तों की घेराबंदी कर दी।

दो बैगों में छिपाकर रखे थे तीन सीलबंद पैकेट

संदिग्ध अवस्था में पिट्ठू बैग लिए खड़े युवक को जब सुरक्षाबलों ने घेरकर पूछताछ शुरू की, तो वह घबराकर भागने का प्रयास करने लगा। जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही काबू में ले लिया। मौके पर जब उसके दोनों बैगों की विधिवत तलाशी ली गई, तो कपड़ों के नीचे छिपाकर रखे गए तीन पैकेट बरामद हुए।

इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन कराने पर कुल गांजे की मात्रा 14.200 किलोग्राम दर्ज की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रेम शंकर साहनी (29 वर्ष), निवासी जिला समस्तीपुर, बिहार बताया।

तस्करी के रूट और नेटवर्क की पड़ताल में जुटी एजेंसियां

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पूर्वांचल और बिहार के सीमावर्ती जिलों से जुड़े इस रूट का इस्तेमाल तस्कर मादक पदार्थों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब के महानगरों तक पहुंचाने के लिए 'ट्रांजिट पॉइंट' के रूप में करने की कोशिश करते हैं।

आरोपी के मोबाइल फोन कॉल डिटेल्स (CDR) और चैट रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि खेप कहां से उठाई गई थी और गोरखपुर के रास्ते इसे किस रिसीवर को डिलीवर किया जाना था। जीआरपी थाने में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक हिरासत में भेज दिया गया है।