विशेष संवाददाता, नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने सशस्त्र बलों की 'अग्निपथ योजना' में एक अहम बदलाव को मंजूरी दी है। नए फैसले के तहत 4 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद बाहर होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों की सेवा अवधि को 2 साल के लिए बढ़ाया जाएगा। इस विस्तारित अवधि के समापन पर इन जवानों को स्थायी कैडर में शामिल होने का अवसर भी प्राप्त होगा।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। बैठक के उपरांत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल राजा सुब्रमणि ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि पहले बैच के सेवामुक्त होने से ठीक पहले यह कदम उठाया गया है। यह संशोधन उन लगभग 3 लाख अग्निवीरों पर लागू होगा जो वर्तमान में तीनों सेनाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। भविष्य में भर्ती होने वाले नए अभ्यर्थियों के लिए यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।
सीडीएस ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि अब अधिकांश जवानों को सेवा विस्तार और स्थायी होने का मौका मिल रहा है, इसलिए अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और सार्वजनिक उपक्रमों में इनके लिए पूर्व में तय किए गए आरक्षण के प्रावधान अब समाप्त हो जाएंगे।
प्रमुख बिंदु और बदलाव एक नज़र में:
3 लाख से अधिक जवानों को राहत: थल सेना के 2,70,000, वायु सेना के 27,000 और नौसेना के 21,000 अग्निवीर इस फैसले से लाभान्वित होंगे।
संशोधन का प्रारूप: मूल व्यवस्था के अनुसार 4 वर्ष बाद केवल 25 प्रतिशत को स्थायी किया जाना था। अब शेष 75 प्रतिशत को 2 वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा।
स्थायी नियुक्ति की शर्तें: दो वर्ष का विस्तार पूरा करने के बाद चयन के दो प्रमुख आधार होंगे—जवान की स्वयं की सहमति और निर्धारित भर्ती मानकों पर खरा उतरना।
वेतन और वित्तीय पैकेज: सेवा विस्तार के पहले वर्ष 43,500 रुपये तथा दूसरे वर्ष 47,500 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा, 2 वर्ष की सेवा पूरी होने पर 11 लाख रुपये की अलग एकमुश्त राशि मिलेगी, जो मूल 4 साल के सेवा निधि पैकेज से भिन्न होगी।
बदलाव का उद्देश्य: प्रशिक्षित एवं अनुभवी सैन्यकर्मियों को दीर्घकाल तक सेना के साथ जोड़े रखना और इसके साथ ही सशस्त्र बलों के युवा प्रोफाइल को संतुलित बनाए रखना।
From our city to the world · Fair, fearless, with you



Reader comments
Views उपलब्ध नहींबिना login अपना नाम भरकर टिप्पणी या जवाब लिखें। सभ्य और विषय से संबंधित भाषा रखें। टिप्पणियाँ और जवाब तुरंत प्रकाशित होते हैं। निजी जानकारी साझा न करें; Admin अनुपयुक्त सामग्री हटा सकते हैं।
Be the first to comment on this article.