गोरखपुर, 20 अक्टूबर 2026—विजयादशमी के मौके पर आज गोरखनाथ मंदिर से पारंपरिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों इसका नेतृत्व करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा पहले मानसरोवर मंदिर से गुज़रते हुए रामलीला मैदान पहुँचेगी, जहाँ मुख्यमंत्री भगवान श्री राम का राजतिलक करेंगे। मंदिर में विशेष पूजा और तिलकोत्सव भी आयोजित होगा।

सुबह के धार्मिक क्रम में गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा और मंदिर के अन्य देवों की अर्चना शामिल है। प्रकाशित समय‑सारणी के अनुसार दोपहर 1 से 3 बजे तक तिलकोत्सव चलेगा, फिर शाम 4 बजे शोभायात्रा के लिए रवाना होगा। मुख्यमंत्री की भागीदारी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़‑प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की तैयारी कर ली है।

मानसरोवर मंदिर में मुख्यमंत्री भगवान शिव की पूजा करेंगे, उसके बाद रामलीला मैदान में श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की आराधना तथा आरती होगी। राजतिलक का प्रसंग इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा। इस शोभायात्रा में विभिन्न समुदायों की भागीदारी देखी गई है; स्थानीय मुस्लिम और बुनकर समाज के लोग भी परंपरागत रूप से इसे स्वागत करते आए हैं।

एक दिन पहले, सोमवार 19 अक्टूबर को महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने नौ कन्याओं और बटुक भैरव के पाँव धोकर पूजा की, फिर भोजन परोसा। भाग लेने वाली बालिकाओं को दक्षिणा और उपहार भी दिए गए। इस पूजन से पहले मंदिर के शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की अर्चना हुई, जहाँ प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ और अन्य साधु‑संत मौजूद थे।

विजयादशमी के कार्यक्रमों के अंतर्गत शाम 7 बजे से गोरखनाथ मंदिर में साधु‑संतों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन‑प्रसाद का प्रबंध किया गया है। साथ ही नाथपंथ की पारम्परिक पूजा भी निभाई जाएगी, जिसमें गोरक्षपीठाधीश्वर संतों के आपसी विवाद सुनेंगे और उनका समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।