ICAR और Food Corporation of India ने 30 सितंबर 2026 को सुरक्षित और टिकाऊ अनाज भंडारण के लिए समझौता किया। कृषि मंत्रालय की 1 अक्टूबर की PIB विज्ञप्ति के अनुसार काम गेहूँ और चावल में भंडारण कीटों के प्रबंधन के लिए वैकल्पिक fumigation तकनीकों के शोध पर केंद्रित है।

पहले चरण की अवधि दो वर्ष बताई गई है और कार्यान्वयन ICAR-CIPHET, लुधियाना द्वारा किया जाना है। सूचना इसे शोध परियोजना के रूप में प्रस्तुत करती है, न कि किसी नई उपचार विधि की तत्काल सार्वभौमिक मंजूरी के रूप में।

भंडारण से जुड़े तकनीकी उपायों की चर्चा पढ़ते समय इस्तेमाल की अनुमति, सुरक्षा प्रक्रिया और प्रशिक्षित संचालन को अलग-अलग समझना चाहिए। यह समाचार किसी रसायन की मात्रा, घरेलू प्रयोग या गोदाम में खुद उपचार करने की सलाह नहीं देता।

स्थानीय अनाज व्यापारियों और किसान समूहों के लिए घटनाक्रम शोध की दिशा बताता है। उत्तर प्रदेश के किसी गोदाम में नई तकनीक लागू होने या उसकी लागत तय होने की पुष्टि इस विज्ञप्ति से नहीं की गई है।