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राजनीति

स्थानीय निकायों में 33% महिला आरक्षण का असर: पूर्वांचल के नगर निगमों व नगर पालिकाओं में विकास योजनाओं की कमान महिलाओं के हाथ

✍️ प्रिया त्रिपाठी 📅 प्रकाशित: 1/9/2026
स्थानीय निकायों में 33% महिला आरक्षण का असर: पूर्वांचल के नगर निगमों व नगर पालिकाओं में विकास योजनाओं की कमान महिलाओं के हाथ

स्थानीय निकाय की राजनीति में महिलाओं की सक्रिय और स्वतंत्र भागीदारी से वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का तेज विकास। स्वयं निर्णय ले रहीं महिला जनप्रतिनिधि।

उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्वशासन में महिला आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन से पूर्वांचल के नगर निकायों में प्रशासनिक कार्यशैली में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है। गोरखपुर नगर निगम समेत देवरिया, कुशीनगर और बस्ती की नगर पालिकाओं में महिला पार्षदों ने विकास कार्यों की स्वयं मॉनिटरिंग शुरू की है। **स्वच्छता और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस:** महिला पार्षदों द्वारा अपने वार्डों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स, स्ट्रीट वेंडिंग जोन में सीसीटीवी कैमरे, और पार्कों में सुरक्षित लाइटिंग की कार्ययोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पास कराया गया है। **'प्रतिनिधि प्रथा' पर प्रभावी रोक:** प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बैठकों में महिला जन प्रतिनिधियों के पतियों या परिजनों के शामिल होने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। महिला जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक व वित्तीय नियमों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे उनका आत्मविश्वास अभूतपूर्व बढ़ा है।