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अंतरराष्ट्रीय योग एवं आयुर्वेद डिप्लोमेसी: डब्ल्यूएचओ (WHO) ने जामनगर सेंटर से 40 पारंपरिक दवाओं को दी वैश्विक मान्यता

✍️ डॉ. रमेश चंद्र पांडेय 📅 प्रकाशित: 1/9/2026
अंतरराष्ट्रीय योग एवं आयुर्वेद डिप्लोमेसी: डब्ल्यूएचओ (WHO) ने जामनगर सेंटर से 40 पारंपरिक दवाओं को दी वैश्विक मान्यता

भारतीय आयुर्वेद और योग बना दुनिया की पहली पसंद। वैज्ञानिक ट्रायल के बाद अश्वगंधा, गिलोय और त्रिफला को मॉडर्न मेडिसिन की सूची में शामिल किया गया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा भारत के जामनगर में स्थापित 'ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन' (GCTM) ने भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति 'आयुर्वेद' को आधुनिक वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर वैश्विक मान्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। **क्लिनिकल ट्रायल्स में खरी उतरीं 40 औषधियां:** डायबिटीज नियंत्रण, आर्थराइटिस, लिवर स्वास्थ्य, तनाव निवारण और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली 40 प्रमुख आयुर्वेदिक औषधियों को अंतरराष्ट्रीय फार्माकोपिया में शामिल कर लिया गया है। अब ये दवाएं दुनिया के 120 से अधिक देशों में आधिकारिक तौर पर प्रिसक्राइब की जा सकेंगी। **आयुष निर्यात ₹40,000 करोड़ के पार:** आयुष मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक स्वीकृति मिलने से भारतीय हर्बल उत्पादों और आयुर्वेद वेलनेस सेंटर्स के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 45% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की जा रही है।