यूपी विधानसभा का डिजिटल कायाकल्प: ‘ई-विधान’ से पूरी तरह पेपरलेस हुई कार्यवाही, ₹80 करोड़ की हुई वार्षिक बचत
✍️ राकेश मणि शुक्ला
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्नकाल, विधेयक और बजट अब शत-प्रतिशत डिजिटल फॉर्मेट में पेश। हजारों पेड़ों की कटाई रुकी।
उत्तर प्रदेश विधानभवन देश की सबसे बड़ी और सबसे आधुनिक डिजिटल विधानसभा के रूप में स्थापित हो चुका है। 'नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन' (NeVA) के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद सदन की कार्यवाही पूरी तरह से कागज रहित (Paperless) हो गई है।
**सभी 403 विधायकों की सीटों पर स्मार्ट टैबलेट्स:**
प्रत्येक सदस्य की मेज पर सुरक्षित टैबलेट और माइक्रोफोन लगाए गए हैं, जिन पर दिन की कार्यसूची, प्रश्नों के उत्तर, तारांकित प्रश्न और बजट दस्तावेज एक क्लिक पर उपलब्ध रहते हैं।
**पर्यावरण संरक्षण और समय की बचत:**
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि पेपरलेस प्रणाली अपनाने से प्रतिवर्ष 500 टन से अधिक कागज की बचत हो रही है और सरकार के लगभग ₹80 करोड़ की छपाई व परिवहन लागत बच रही है। कार्यवाही का सीधा डिजिटल प्रसारण यूट्यूब और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।