सोनभद्र में 1500 मेगावाट का देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट तैयार, पूर्वांचल को मिलेगी सस्ती ग्रीन एनर्जी
✍️ डॉ. रमेश चंद्र पांडेय
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
ऊर्जा की राजधानी सोनभद्र में पानी की सतह पर तैरते सोलर पैनल्स से बिजली उत्पादन शुरू। कार्बन उत्सर्जन में होगी 18 लाख टन की सालाना कटौती।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में स्थित गोविंद वल्लभ पंत सागर (रिहंद बांध) के विशाल जलाशय पर देश के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर एनर्जी पार्क का 500 मेगावाट का पहला चरण सफलतापूर्वक नेशनल पावर ग्रिड से जोड़ दिया गया है।
**जमीन अधिग्रहण के बिना विशाल उत्पादन:**
पारंपरिक सोलर प्लांट्स में जहां हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि की आवश्यकता होती थी, वहीं रिहंद जलाशय के पानी के ऊपर विशेष फ्लोटर्स पर लाखों सोलर पैनल्स लगाए गए हैं। पानी के प्राकृतिक शीतलन प्रभाव (Cooling effect) के कारण इन पैनल्स की ऊर्जा उत्पादन दक्षता सामान्य से 12% अधिक दर्ज की गई है।
**पानी का वाष्पीकरण रुकेगा:**
पर्यावरण वैज्ञानिकों के अनुसार, पानी की सतह ढक जाने से प्रतिवर्ष 30 करोड़ लीटर पानी का वाष्पीकरण रुक सकेगा, जो गर्मियों में सिंचाई और पीने के काम आएगा। इस प्लांट से पूर्वांचल के जिलों को 24 घंटे सस्ती और हरित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।