इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए सॉलिड-स्टेट बैटरी का आविष्कार: 5 मिनट की चार्जिंग में 800 किलोमीटर का सफर, आग लगने का खतरा शून्य
✍️ सौरभ श्रीवास्तव
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
पेट्रोल-डीजल कारों की विदाई तय। लिथियम-आयन की तुलना में 3 गुना हल्की और 5000 चार्ज साइकिल तक चलने वाली सुरक्षित अगली पीढ़ी की बैटरी।
भारतीय वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा अनुसंधान संस्थानों के संयुक्त कंसोर्टियम ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए वाणिज्यिक रूप से व्यावहारिक 'सॉलिड-स्टेट लिथियम-मेटल बैटरी' (Solid-State Battery) का सफल प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है।
**5 मिनट में 80% अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग:**
पारंपरिक बैटरियों में उपयोग होने वाले ज्वलनशील लिक्विड इलेक्ट्रोलाइट के स्थान पर नैनो-सेरेमिक सॉलिड इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग किया गया है। यह बैटरी 400 kW के सुपरचार्जर से मात्र 5 मिनट में चार्ज होकर एक बार में 800 किलोमीटर से अधिक की वास्तविक ड्राइविंग रेंज प्रदान करती है।
**थर्मल रनवे और आग लगने का शून्य जोखिम:**
सॉलिड संरचना होने के कारण अत्यधिक गर्मी (60°C) या गंभीर सड़क दुर्घटना में बैटरी के फटने या आग पकड़ने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है। इसका उत्पादन वर्ष 2027 के मध्य से भारत के गीगाफैक्ट्रीज में शुरू होने की योजना है।