सिद्धार्थनगर का ‘काला नमक चावल’ बना ग्लोबल ब्रांड: लंदन और दुबई में रिकॉर्ड 1000 मीट्रिक टन का हुआ निर्यात
✍️ प्रवीण कुमार वर्मा
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
सिद्धार्थनगर के सुगंधित और पोषक तत्वों से भरपूर काला नमक चावल की मांग विदेशों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची। 15 हजार किसान हुए समृद्ध।
भगवान बुद्ध के महाप्रसाद और 'पूर्वांचल के बासमती' के रूप में विख्यात सिद्धार्थनगर के जीआई-टैग प्राप्त 'काला नमक चावल' ने वैश्विक कृषि बाजार में इतिहास रच दिया है। सिद्धार्थनगर किसान उत्पादक संगठन (FPO) ने आज 1000 मीट्रिक टन प्रीमियम ऑर्गेनिक काला नमक चावल की खेप को कंटेनरों में सील कर लंदन और दुबई के लिए रवाना किया।
**एंटीऑक्सीडेंट और जिंक से भरपूर अनोखी खुशबू:**
काला नमक चावल में आयरन, जिंक और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य और वेलनेस बाजार में इसकी अत्यधिक मांग है। विशेष रूप से ऑर्गेनिक ग्रेड के चावल को अंतरराष्ट्रीय सुपरमार्केट्स में प्रीमियम श्रेणी में रखा गया है।
**किसानों की आय में 3 गुना उछाल:**
कृषि विभाग के उप निदेशक ने बताया कि ड्रिप सिंचाई और जैविक खाद के उपयोग से प्रति एकड़ पैदावार में 25% की वृद्धि हुई है। किसानों को मंडी में सामान्य धान की तुलना में तीन गुना अधिक मूल्य मिल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी भी खेती की ओर आकर्षित हो रही है।