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संत कबीर नगर: मगहर में अंतरराष्ट्रीय ‘कबीर शोध संस्थान’ और खलीलाबाद होजरी टेक्सटाइल पार्क फेज-2 को हरी झंडी: 12,000 बुनकरों को सीधा संबल

✍️ कमलेश कुमार वर्मा 📅 प्रकाशित: 6/9/2026
संत कबीर नगर: मगहर में अंतरराष्ट्रीय ‘कबीर शोध संस्थान’ और खलीलाबाद होजरी टेक्सटाइल पार्क फेज-2 को हरी झंडी: 12,000 बुनकरों को सीधा संबल

संत कबीर नगर जनपद के ऐतिहासिक शहर मगहर एवं खलीलाबाद के लिए प्रदेश सरकार ने ₹165 करोड़ की दो बड़ी सौगातों को मंजूरी प्रदान की है। महान संत कबीर दास जी की महापरिनिर्वाण स्थली मगहर (आमी नदी तट) पर विश्वस्तरीय ‘संत कबीर ग्लोबल रिसर्च इंस्टीट्यूट एवं डिजिटल आर्काइव’ की स्थापना होगी, जहां दुनिया भर के विद्वान कबीर दर्शन पर शोध कर सकेंगे। वहीं, खलीलाबाद की प्रसिद्ध वस्त्र मंडी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए गीडा (GIDA) की तर्ज पर 80 एकड़ में ‘खलीलाबाद होजरी एवं टेक्सटाइल पार्क फेज-2’ विकसित किया जाएगा, जिसमें 12,000 स्थानीय बुनकरों व कारीगरों को आधुनिक कम्प्यूटरीकृत लूम और सोलर सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा।

संत कबीर नगर का कायाकल्प: मगहर में कबीर शोध संस्थान और खलीलाबाद में होजरी पार्क फेज-2 मंजूर **दैनिक गोरखपुर उद्योग एवं संस्कृति ब्यूरो, संत कबीर नगर:** जाति-पांत और सामाजिक पाखंड पर प्रहार करने वाले अमर संत कबीर दास जी की निर्वाण स्थली मगहर और पूर्वांचल की सबसे बड़ी रेडीमेड कपड़ा मंडी खलीलाबाद को औद्योगिक एवं सांस्कृतिक रूप से नई ऊंचाई मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग तथा पर्यटन विभाग ने संयुक्त रूप से **₹165 करोड़** की दो युगांतरकारी परियोजनाओं को वित्तीय एवं प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है। --- मगहर में बनेगा विश्वस्तरीय ‘कबीर ग्लोबल रिसर्च सेंटर’ आमी नदी के पावन तट पर स्थित कबीर समाधि एवं मजार परिसर के निकट 10 एकड़ भूमि पर 'संत कबीर ग्लोबल रिसर्च सेंटर' का निर्माण किया जाएगा: 1. **कबीर डिजिटल पांडुलिपि आर्काइव:** देश-विदेश में बिखरे कबीर के दोहे, बीजक, सबद और साखी के दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथों का डिजिटलीकरण। 2. **अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी भवन (1500 सीटर):** दुनिया भर के समाजशास्त्रियों और साहित्यकारों के लिए आधुनिक ऑडिटोरियम व ट्रांसलेशन सेंटर। 3. **आमी नदी रिवरफ्रंट व ध्यान वाटिका:** आमी नदी के प्रदूषण मुक्त स्वरूप के साथ 1 किलोमीटर लंबा रिवरफ्रंट वॉकवे और कबीर कुटीर। --- खलीलाबाद होजरी एवं रेडीमेड गारमेंट पार्क फेज-2 खलीलाबाद की कपड़ा मंडी पूरे उत्तर भारत में किफायती एवं टिकाऊ हौजरी वस्त्रों के लिए विख्यात है। हालांकि, अब तक आधुनिक बुनियादी ढांचे की कमी के कारण उद्यमी सीमित थे। नए होजरी पार्क की मुख्य विशेषताएं: - **80 एकड़ में सुनियोजित इंडस्ट्रियल क्लस्टर:** खलीलाबाद बाईपास (NH-28) के पास 80 एकड़ में 150 नई गारमेंट इकाइयों के लिए प्लग-एंड-प्ले शेड। - **कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC):** अत्याधुनिक कम्प्यूटरीकृत एम्ब्रॉयडरी, डाइंग और फैब्रिक टेस्टिंग लैब की स्थापना। - **12,000 बुनकरों को सोलर लूम सब्सिडी:** बिजली कटौती से मुक्ति के लिए स्थानीय बुनकरों को 80% अनुदान पर सोलर पावर बैकअप सिस्टम। - **सीधा निर्यात लिंक:** गोरखपुर एयरपोर्ट और लखनऊ फ्रेट कॉरिडोर से जुड़कर खलीलाबाद के रेडीमेड कपड़े सीधे नेपाल, बांग्लादेश और खाड़ी देशों को निर्यात हो सकेंगे। --- स्थानीय व्यापारियों और बुनकरों ने मनाया जश्न खलीलाबाद वस्त्र व्यापार मंडल और बुनकर कल्याण समिति ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए मिठाई बांटी। व्यापारियों ने कहा कि नया पार्क बनने से खलीलाबाद तिरुपुर और लुधियाना की तरह देश का प्रमुख गारमेंट हब बन जाएगा और हजारों युवाओं को अपने ही जिले में सम्मानजनक रोजगार प्राप्त होगा। --- मुख्य बिंदु (Key Highlights): - **स्थान:** मगहर एवं खलीलाबाद, संत कबीर नगर जनपद - **कुल बजट:** ₹165 करोड़ - **सांस्कृतिक प्रोजेक्ट:** मगहर में 10 एकड़ में संत कबीर ग्लोबल रिसर्च सेंटर व आमी रिवरफ्रंट - **औद्योगिक प्रोजेक्ट:** खलीलाबाद बाईपास पर 80 एकड़ में होजरी पार्क फेज-2 - **रोजगार प्रभाव:** 12,000 बुनकरों व वस्त्र कामगारों को प्रत्यक्ष आधुनिक लूम व रोजगार