पूर्वांचल में त्रिस्तरीय पंचायती राज सुधार: ‘डिजिटल पंचायत सचिवालय’ से 24 घंटे में जारी हो रहे जन्म, मृत्यु व निवास प्रमाण पत्र
✍️ मनोज कुमार वर्मा
📅 प्रकाशित: 2/9/2026
गांव की सरकार बनी पारदर्शी और सशक्त। ग्राम प्रधान और पंचायत सहायकों को मिले लैपटॉप और बायोमेट्रिक डिवाइस, ग्रामीणों को तहसील जाने से मुक्ति।
पूर्वांचल के ग्रामीण अंचलों में सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को नई दिशा देते हुए पंचायती राज विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों में 'डिजिटल पंचायत सचिवालय' प्रणाली को शत-प्रतिशत सक्रिय कर दिया है।
**पंचायत भवन पर ही 45 जनसेवाएं उपलब्ध:**
अब ग्रामीणों को खतौनी की नकल, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, और वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन के लिए ब्लॉक या तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। प्रशिक्षित पंचायत सहायक टोकन सिस्टम के तहत 24 घंटे में डिजिटल हस्ताक्षरित दस्तावेज जारी कर रहे हैं।
**सीसीटीवी कैमरों और बायोमेट्रिक हाजिरी से पारदर्शिता:**
पंचायत सचिवालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक से दर्ज हो रही है और विकास कार्यों के फंड का खर्च सीधे 'ई-ग्राम स्वराज' पोर्टल पर सार्वजनिक किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की गुंजाइश खत्म हो गई है।