पूर्वांचल के बुनकर व हस्तशिल्प बोर्ड का पुनर्गठन: सीधे कारीगरों के खाते में जाएगी ₹10,000 की मासिक सम्मान पेंशन
✍️ प्रवीण कुमार वर्मा
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
पारंपरिक भारतीय कला को जीवित रखने वाले वरिष्ठ कारीगरों के सम्मान में राज्य सरकार का बड़ा फैसला। स्वास्थ्य बीमा कवर भी 5 लाख रुपये तक बढ़ा।
पूर्वांचल की समृद्ध वस्त्र और हस्तशिल्प परंपरा को नई पीढ़ी तक संरक्षित रखने वाले वरिष्ठ कारीगरों और मास्टर वीवर्स के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए राज्य सरकार ने 'पूर्वांचल बुनकर एवं हस्तशिल्प कल्याण बोर्ड' का पुनर्गठन करते हुए ऐतिहासिक कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की है।
**60 वर्ष से अधिक आयु के शिल्पकारों को पेंशन:**
बनारसी सिल्क साड़ी, मऊ की बुनाई, गोरखपुर के टेराकोटा और भदोही के कालीनों को अपने हुनर से तराशने वाले 60 वर्ष से अधिक आयु के पंजीकृत कारीगरों को ₹10,000 प्रति माह की सम्मान पेंशन सीधे बैंक खाते में दी जाएगी।
**शिल्पियों के बच्चों को उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति:**
बोर्ड ने कारीगरों के बच्चों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) में पढ़ाई के लिए 100% ट्यूशन फीस स्कॉलरशिप देने का भी प्रावधान किया है।