पूर्वांचल के बाढ़ प्रभावित तराई क्षेत्रों के लिए ‘स्थायी बांध व तटबंध सुरक्षा नीति’ मंजूर: ₹1800 करोड़ से बनेंगे पक्के रिंग बांध
✍️ सतीश चंद्र त्रिपाठी
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
बरसात के मौसम में तबाही मचाने वाली नदियों के किनारों पर जिओ-ट्यूब और बोल्डर पिचिंग से बनेंगे मजबूत पक्के तटबंध। 800 गांव होंगे सुरक्षित।
पूर्वांचल के गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर जनपदों को प्रतिवर्ष आने वाली मौसमी बाढ़ से स्थायी राहत दिलाने के लिए जल संसाधन एवं सिंचाई विभाग के ₹1800 करोड़ के विस्तृत प्रोजेक्ट को राज्य मंत्रिपरिषद ने हरी झंडी दे दी है।
**जिओ-सिंथेटिक और बोल्डर पिचिंग से सुदृढ़ीकरण:**
राप्ती, रोहिन और घाघरा नदियों के 450 किलोमीटर संवेदनशील तटबंधों को जिओ-टेक्सटाइल ट्यूब्स और कंक्रीट ब्लॉक पिचिंग के जरिए अभेद्य बनाया जाएगा, जिससे तेज जलधारा से होने वाला भू-कटान शून्य हो जाएगा।
**नदियों की गाद (Dredging) सफाई और ड्रेनेज चैनल्स:**
नदियों के तल में जमा सिल्ट को आधुनिक ड्रेजर्स के जरिए निकालकर नदी की जल धारण क्षमता 35% बढ़ाई जाएगी। बाढ़ प्रभावित किसानों ने सरकार के इस दूरगामी निर्णय का स्वागत किया है।