संसद में पेश हुआ ‘सिटीजन्स डेटा प्रोटेक्शन एंड प्राइवेसी रूल्स 2026’: अनचाही कॉल्स व पर्सनल डेटा बेचने वाली कंपनियों पर ₹250 करोड़ का जुर्माना
✍️ राकेश मणि शुक्ला
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को अनचाही प्रमोशनल कॉल्स और मैसेज से मिलेगी स्थायी राहत। टेलीकॉम ऑपरेटरों को एआई स्पैम फिल्टर लगाना अनिवार्य।
संसद के दोनों सदनों में देश के 140 करोड़ नागरिकों की डिजिटल निजता को अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करने वाले 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन रूल्स 2026' को औपचारिक रूप से पेश कर दिया गया है।
**उपभोक्ता की स्पष्ट डिजिटल सहमति (Consent) अनिवार्य:**
अब बैंक, बीमा कंपनियां, ई-कॉमर्स पोर्टल्स या रियल एस्टेट डेवलपर्स किसी भी नागरिक का मोबाइल नंबर, ईमेल या निजी जानकारी उसकी स्पष्ट ऑनलाइन सहमति के बिना किसी तीसरे पक्ष को नहीं बेच सकेंगे।
**उल्लंघन पर ₹250 करोड़ तक का कठोर जुर्माना:**
नियमों का उल्लंघन करने वाले कॉर्पोरेट संस्थानों पर डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड द्वारा ₹250 करोड़ तक का जुर्माना और आपराधिक मुकदमा चलाने का कड़ा प्रावधान किया गया है। नागरिकों को अपना डेटा पोर्टल से किसी भी समय डिलीट कराने का पूर्ण वैधानिक अधिकार दिया गया है।