नेपाल समाचार: सोनौली-भैरहवा बार्डर पर हाई-स्पीड डिजिटल कार्गो स्कैनर सक्रिय, काठमांडू-गोरखपुर ट्रेड कॉरिडोर में क्लीयरेंस समय घटाकर 10 मिनट किया गया
✍️ दैनिक गोरखपुर डिजिटल डेस्क
📅 प्रकाशित: 30/8/2026

भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के सोनौली-भैरहवा एकीकृत चेकपोस्ट (ICP) पर अत्याधुनिक डिजिटल कंटेनर स्कैनर और पेपरलेस कस्टम गेटवे का सफल संचालन शुरू हुआ। इससे पूर्वांचल व नेपाल के बीच फल, सब्जियां, दवाइयों व निर्माण सामग्री की आपूर्ति तेज हो गई है।
सोनौली-भैरहवा सीमा पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार का नया डिजिटल युग
**दैनिक गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो, सोनौली (महराजगंज) / काठमांडू:**
भारत और नेपाल के द्विपक्षीय वाणिज्यिक संबंधों में ऐतिहासिक सुधार दर्ज करते हुए सोनौली-भैरहवा बॉर्डर पर ऑटोमेटेड ड्राइव-थ्रू कार्गो एक्स-रे स्कैनर और इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज (EDI) कस्टम गेटवे पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। इस नई प्रणाली के लागू होने से भारत से काठमांडू, पोखरा और बुटवल जाने वाले मालवाहक ट्रकों की जांच व क्लीयरेंस में लगने वाला समय 12-18 घंटे से घटकर मात्र **10 से 15 मिनट** रह गया है।
प्रमुख बदलाव एवं व्यवस्थाएं:
1. **शून्य जाम नीति (Zero Congestion System):** सोनौली सीमा पर प्रतिदिन 1,200 से अधिक ट्रकों की आवाजाही होती है। नए 4-लेन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से अब सीमा पर लंबी कतारें पूरी तरह समाप्त हो गई हैं।
2. **हाई-स्पीड रेडियो फ्रीक्वेंसी स्कैनर:** कंटेनरों को बिना सील तोड़े और बिना अनलोड किए 3 मिनट में एक्स-रे स्कैन किया जा रहा है, जिससे नाशवान वस्तुएं जैसे फल, सब्जियां, दूध और दवाइयां समय पर नेपाल पहुंच रही हैं।
3. **संयुक्त कस्टम सहायता केंद्र:** भारतीय कस्टम, एसएसबी, नेपाल भंसार विभाग और नेपाल सशस्त्र पुलिस बल का संयुक्त कोऑर्डिनेशन डेस्क बनाया गया है जो चौबीसों घंटे सातों दिन (24x7) काम कर रहा है।
अधिकारियों व व्यापार मंडल की प्रतिक्रिया
सोनौली व्यापार मंडल के अध्यक्ष और नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के प्रतिनिधियों ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि इस प्रणाली से माल ढुलाई लागत (Logistics Cost) में 22% की बचत होगी। नेपाल जाने वाले भारतीय निर्यातकों को अब सीधे इलेक्ट्रॉनिक ई-वे बिल के माध्यम से तत्काल निकासी मिल रही है।
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मुख्य हाईलाइट्स (Highlights):
- सोनौली-भैरहवा सीमा पर 10 मिनट में डिजिटल कस्टम क्लीयरेंस की ऐतिहासिक शुरुआत।
- गोरखपुर-काठमांडू सप्लाई चेन में 85% समय की बचत।
- प्रतिदिन 1,200 से अधिक व्यापारिक ट्रकों का सुगम व पेपरलेस आवागमन।
- नाशवान कृषि उत्पादों और दवाओं की तुरंत डिलीवरी की विशेष ग्रीन लेन।