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नेपाल में मूसलाधार बारिश और हिमस्खलन से हाहाकार: नारायणी, बागमती व कोसी नदी में प्रलयंकारी बाढ़; 550 से अधिक की मौत, 1900+ लापता; नेपाली सेना व एनडीआरएफ का महा-रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

✍️ दैनिक गोरखपुर डिजिटल डेस्क 📅 प्रकाशित: 30/8/2026
नेपाल में मूसलाधार बारिश और हिमस्खलन से हाहाकार: नारायणी, बागमती व कोसी नदी में प्रलयंकारी बाढ़; 550 से अधिक की मौत, 1900+ लापता; नेपाली सेना व एनडीआरएफ का महा-रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

नेपाल में 48 घंटे से जारी मानसूनी वर्षा व ग्लेशियर हिमस्खलन से इतिहास की सबसे भीषण तबाही। बागमती नदी का पानी काठमांडू शहर में घुसा, नारायणी (गंडक) देवघाट पर खतरे के निशान से 4 मीटर ऊपर। 550 से अधिक लोगों की मौत, रसुवा व धादिंग में कई बस्तियां बहीं। भारतीय सीमांत सोनौली, महराजगंज व गोरखपुर में एनडीआरएफ व एसएसबी हाई अलर्ट पर।

नेपाल में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन का महा-प्रलय: 550 से अधिक की मौत, 1900+ लापता **दैनिक गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय विशेष कवरेज, काठमांडू / रसुवा / बुटवल / सोनौली:** पड़ोसी देश नेपाल में मानसूनी बादलों के फटने और उत्तरी सीमा के पास ग्लेशियर हिमस्खलन के कारण पिछले 48 घंटों में इतिहास की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदा सामने आई है। नेपाल के गृह मंत्रालय और जल तथा मौसम विज्ञान विभाग (DHM) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आने से अब तक **550 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1,900 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं**। देश के 28 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। प्रमुख प्रभावित क्षेत्र और नदियों का रौद्र रूप: 1. **काठमांडू घाटी में बागमती का कहर:** काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर में बागमती, विष्णुमती और धोबीखोला नदियों के तटबंध टूटने से शहर के हजारों मकान, अस्पताल और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। राजधानी को शेष नेपाल से जोड़ने वाला मुख्य 'पृथ्वी राजमार्ग' और त्रिभुवन राजपथ 20 से अधिक स्थानों पर बड़े भूस्खलनों के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। 2. **नारायणी (गंडक) व त्रिशूली नदी में उफान:** देवघाट और चितवन में नारायणी नदी खतरे के लाल निशान से 4 मीटर ऊपर बह रही है। त्रिशूली नदी के तेज बहाव में कई यात्री बसें और पुल बह जाने की सूचना है। 3. **रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में सबसे भारी तबाही:** चीन सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहां दर्जनों पहाड़ी बस्तियां मलबे के नीचे दब गई हैं। नेपाली सेना का 'ऑपरेशन जलराहत' और भारत की त्वरित सहायता नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और नेपाल पुलिस के 40,000 से अधिक जवान हेलीकॉप्टरों और मोटरबोट्स के जरिए छत पर फंसे लोगों को एयरलिफ्ट कर रहे हैं। - **भारत का मानवीय सहयोग:** भारत सरकार ने त्वरित मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री की पहली खेप काठमांडू पहुंचाई है। - **एनडीआरएफ की 20 टीमें सीमा पर तैनात:** उत्तर प्रदेश और बिहार से सटी भारत-नेपाल सीमा (सोनौली, ठूठीबारी, वाल्मीकिनगर, रक्सौल) पर एनडीआरएफ (NDRF) की 20 बटालियन टीमें अत्याधुनिक बोट्स और मेडिकल यूनिट्स के साथ तैनात कर दी गई हैं। गोरखपुर-महराजगंज प्रशासन की एडवाइजरी गोरखपुर और महराजगंज जिला प्रशासन ने सोनौली व गंडक तटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में बाढ़ कंट्रोल रूम के टोल-फ्री नंबर **1077** अथवा **0551-2200123** पर संपर्क करने की अपील की है। --- मुख्य हाईलाइट्स (Highlights): - नेपाल में भीषण मानसूनी बाढ़ और भूस्खलन से 550+ मौतें, 1,900+ लोग लापता। - काठमांडू घाटी में बागमती और चितवन में नारायणी नदी खतरे के निशान से ऊपर। - काठमांडू-पोखरा-बुटवल को जोड़ने वाले सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग बंद। - नेपाली सेना का वृहद एयरलिफ्ट अभियान, भारत ने भेजी राहत सामग्री, सीमा पर 20 NDRF टीमें मुस्तैद।