नेपाल: काठमांडू में भारत-नेपाल संयुक्त पर्यटन एवं ऊर्जा शिखर सम्मेलन, गोरखपुर से पशुपतिनाथ व मुक्तिनाथ के लिए सीधी 'देवभूमि एक्सप्रेस' को हरी झंडी
✍️ दैनिक गोरखपुर डिजिटल डेस्क
📅 प्रकाशित: 30/8/2026

काठमांडू में आयोजित उच्चस्तरीय भारत-नेपाल सहयोग सम्मेलन में पर्यटन, हाइड्रोपावर व सांस्कृतिक गलियारे पर बड़ा समझौता हुआ। गोरखपुर से काठमांडू-पोखरा होते हुए मुक्तिनाथ तक विशेष सुपर डीलक्स बस सेवा शुरू की गई।
काठमांडू में भारत-नेपाल महासम्मेलन: पर्यटन और ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक साझेदारी
**दैनिक गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय डेस्क, काठमांडू (नेपाल):**
नेपाल की राजधानी काठमांडू में भारत-नेपाल संयुक्त कार्यसमूह का द्विवार्षिक सम्मेलन संपन्न हुआ, जिसमें धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और 10,000 मेगावाट स्वच्छ जलविद्युत के अंतर-देशीय व्यापार पर अहम सहमति बनी है।
'देवभूमि सर्किट': गोरखपुर से पशुपतिनाथ व मुक्तिनाथ सीधी यात्रा
सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश व नेपाल पर्यटन बोर्ड के समन्वय से 'देवभूमि सर्किट' एक्सप्रेस बस सेवा को हरी झंडी दिखाई गई:
- **रूट व स्टॉपेज:** गोरखपुर जंक्शन ➔ सोनौली बॉर्डर ➔ बुटवल ➔ पोखरा (लेकसाइड) ➔ बेनी ➔ जोमसोम / मुक्तिनाथ धाम।
- **सुविधाएं:** पूर्णतः वातानुकूलित, एयर-सस्पेंशन बसें, ऑन-बोर्ड ऑक्सीजन सपोर्ट और गाइड सहायता।
- **ऑनलाइन बुकिंग:** यात्री अब दैनिक गोरखपुर पोर्टल और आधिकारिक परिवहन पोर्टल से सीधी सीट आरक्षित कर सकेंगे।
ऊर्जा व व्यापार गलियारा:
नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि त्रिशूली और अरुण-3 जलविद्युत परियोजनाओं से उत्पादित अतिरिक्त हरित ऊर्जा का आयात-निर्यात गोरखपुर ट्रांसमिशन सब-स्टेशन के जरिए सुचारू रूप से संचालित होगा, जिससे पूर्वांचल के सीमावर्ती जिलों में भी बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।
---
मुख्य हाईलाइट्स (Highlights):
- काठमांडू में भारत-नेपाल पर्यटन एवं जलविद्युत समझौते पर ऐतिहासिक हस्ताक्षर।
- गोरखपुर से पशुपतिनाथ, पोखरा और मुक्तिनाथ के लिए सीधी टूरिस्ट डीलक्स सेवा शुरू।
- तीर्थयात्रियों के लिए सोनौली सीमा पर सिंगल-विंडो ऑन-अराइवल परमिट सुविधा।
- पर्यावरण अनुकूल हिमालयन पर्यटन और होमस्टे नेटवर्क का विस्तार।