नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: भारत में तैयार हुआ दुनिया का सबसे सस्ता इलेक्ट्रोलाइज़र, ₹150/किग्रा हुआ ग्रीन फ्यूल
✍️ डॉ. रमेश चंद्र पांडेय
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
स्टील, सीमेंट और भारी ट्रकों को ग्रीन हाइड्रोजन से चलाने का सपना साकार। भारत 2030 तक 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन निर्यात का लक्ष्य साधेगा।
भारत के ऊर्जा क्षेत्र को जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल और कोयले) से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' को आज एक क्रांतिकारी वैज्ञानिक सफलता मिली है। सीएसआईआर और भारतीय वैज्ञानिकों की टीम ने स्वदेशी दुर्लभ-धातु मुक्त इलेक्ट्रोलाइज़र तकनीक विकसित की है।
**उत्पादन लागत में 50% की भारी गिरावट:**
इस तकनीक के जरिए ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की लागत ₹320 प्रति किलोग्राम से घटकर मात्र ₹150 प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इससे स्टील प्लांट्स, फर्टिलाइजर फैक्ट्रियों और भारी ट्रकों में हाइड्रोजन का कमर्शियल इस्तेमाल आर्थिक रूप से बेहद लाभदायक हो गया है।
**देशभर में 500 हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन:**
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्गों और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर्स पर 500 ग्रीन हाइड्रोजन पंप स्थापित करने की विस्तृत योजना जारी की है।