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मऊ टेक्सटाइल क्रांति: पावरलूम बुनकरों को मिली 50% सोलर सब्सिडी और ऑटोमैटिक शटल-लेस लूम्स की सौगात

✍️ प्रवीण कुमार वर्मा 📅 प्रकाशित: 1/9/2026
मऊ टेक्सटाइल क्रांति: पावरलूम बुनकरों को मिली 50% सोलर सब्सिडी और ऑटोमैटिक शटल-लेस लूम्स की सौगात

मऊ के पारंपरिक कपड़ा उद्योग को मिला नई ऊर्जा का संबल। सोलर पावर से चलने वाले आधुनिक करघों से उत्पादन क्षमता में 40% की बढ़ोतरी।

उत्तर भारत के प्रमुख वस्त्र निर्माण केंद्र मऊ जनपद में हथकरघा और पावरलूम बुनकरों की आय बढ़ाने और उनकी उत्पादन लागत घटाने के लिए राज्य सरकार की विशेष 'सौर ऊर्जा बुनकर योजना' का व्यापक क्रियान्वयन शुरू हो गया है। **बिजली कटौती और भारी बिलों से मिली मुक्ति:** मऊ के जहानागंज, कोपागंज और नगर क्षेत्र के 1200 बुनकरों को पहले चरण में 5 किलोवाट तक के सोलर रूफटॉप पैनल 50% सरकारी अनुदान पर लगाए गए हैं। इससे करघे दिनभर बिना किसी बिजली बिल या डीजल जेनरेटर के खर्चे के निर्बाध चल रहे हैं। **सूरत के मुकाबले हाई-स्पीड शटल-लेस लूम्स:** बुनकर सेवा केंद्र के माध्यम से आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक जैक्वार्ड और शटल-लेस लूम्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब मऊ में तैयार साड़ियां, पर्दे और ड्रेस मैटेरियल सीधे देश के बड़े रिटेल ब्रांड्स को सप्लाई किए जा रहे हैं।