मऊ: पूर्वांचल के मैनचेस्टर में ₹150 करोड़ के आधुनिक टेक्सटाइल पार्क को मंजूरी: 5,000 बुनकरों को 60% अनुदान पर सौर ऊर्जा संचालित पावरलूम का वितरण शुरू
✍️ फिरोज आलम अंसारी
📅 प्रकाशित: 9/9/2026
पूर्वांचल के बुनकर हब और पारंपरिक साड़ी व वस्त्र उद्योग के लिए विख्यात मऊ (Mau Nath Bhanjan) जनपद को वैश्विक वस्त्र उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए राज्य हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय ने आज 9 सितंबर 2026 को ₹150 करोड़ के **मेगा टेक्सटाइल एवं वीविंग पार्क** की स्थापना का शासनादेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही योजना के प्रथम चरण में बिजली की बढ़ती दरों से परेशान 5,000 बुनकरों को 60 प्रतिशत सरकारी सब्सिडी पर सौर ऊर्जा आधारित अत्याधुनिक रैपियर व शटल-लेस लूम्स के वितरण का विधिवत शुभारंभ किया गया।
मऊ में वस्त्र उद्योग की नई उड़ान: ₹150 करोड़ का मेगा टेक्सटाइल पार्क मंजूर, 5000 बुनकरों को सोलर लूम सब्सिडी
**दैनिक गोरखपुर ब्यूरो, मऊ नाथ भंजन (मऊ):**
उत्तर प्रदेश के वस्त्र मानचित्र पर 'पूर्वांचल के मैनचेस्टर' के नाम से अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाला मऊ जनपद आज अत्याधुनिक टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी क्रांति का गवाह बना। आज 9 सितंबर 2026 को जिला उद्योग केंद्र में आयोजित भव्य वस्त्र समागम में **₹150 करोड़ की लागत से बनने वाले मऊ मेगा टेक्सटाइल पार्क** का प्रशासनिक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) सौंपा गया।
इस टेक्सटाइल पार्क में कताई, बुनाई, डिजिटल प्रिंटिंग, कंप्यूटराइज्ड एम्ब्रॉयडरी, गारमेंटिंग और ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) डाइंग प्लांट एक ही छत के नीचे स्थापित किए जाएंगे।
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मऊ बुनकरों को मिलने वाले क्रांतिकारी लाभ:
1. **60% सरकारी सब्सिडी पर सोलर लूम:**
बुनकरों को भारी-भरकम बिजली बिलों से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने के लिए प्रति लूम 3 किलोवाट का ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम मात्र 40% मार्जिन मनी पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
2. **मऊ साड़ी और ड्रेस मटीरियल का ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग:**
ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना के तहत मऊ के 2,000 युवा डिजाइनरों को राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के सहयोग से आधुनिक डिजाइन ट्रेंड्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
3. **धागा बैंक (Yarn Bank) और कच्चा माल केंद्र:**
सूत (यार्न) की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से बुनकरों को बचाने के लिए नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NHDC) का क्षेत्रीय डिपो टेक्सटाइल पार्क में खुलेगा, जहां थोक दरों पर सूत उपलब्ध होगा।
4. **15,000 प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन:**
तैयार रेडीमेड गारमेंट्स के उत्पादन से स्थानीय महिलाओं और दर्जी कारीगरों को अपने घरों के निकट सम्मानजनक वेतन मिलेगा।
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मऊ बुनकर एसोसिएशन का वक्तव्य:
मऊ वस्त्र निर्माता संघ के महासचिव मुहम्मद तारिक ने कहा:
> *"मऊ की साड़ियां और वस्त्र पूरे भारत के बाजारों में बिकते हैं, लेकिन तकनीकी पिछड़ेपन और महंगी बिजली के कारण हमारे कारीगर संघर्ष कर रहे थे। सोलर लूम और ₹150 करोड़ के टेक्सटाइल पार्क की यह योजना मऊ के कपड़ा उद्योग में एक नया जीवन फूंकेगी। आज का दिन हमारे हजारों बुनकर परिवारों के लिए ऐतिहासिक है।"*
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मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- **परियोजना:** मेगा टेक्सटाइल व वीविंग पार्क, मऊ
- **कुल स्वीकृत धनराशि:** ₹150 करोड़ (वस्त्र मंत्रालय व राज्य सरकार)
- **सब्सिडी सहायता:** 5,000 बुनकरों को सोलर पावरलूम पर 60% अनुदान
- **उत्पादन क्षमता:** प्रतिवर्ष 5 करोड़ मीटर से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले वस्त्र