महराजगंज के सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग में 'ईको-टूरिज्म व बर्ड सफारी' कॉरिडोर शुरू: गंडक-रोहिन संगम पर तैयार हुआ वॉच-टॉवर; सैलानियों के लिए नेचर ट्रेल खुला
✍️ अरविंद कुमार पटेल
📅 प्रकाशित: 7/9/2026
महराजगंज जनपद के सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग में ₹32 करोड़ की लागत से विकसित 'ईको-टूरिज्म व जंगल सफारी' परियोजना के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया है। गंडक और रोहिन नदी के मनोरम संगम पर 60 फीट ऊंचा आधुनिक बर्ड वॉचिंग टॉवर, 14 किमी का बटरफ्लाई व नेचर ट्रेल और ईको-कॉटेज तैयार किए गए हैं। वन विभाग ने स्थानीय युवाओं को गाइड व सफारी चालक के रूप में प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ा है।
महराजगंज: सोहगीबरवा अभयारण्य में ईको-टूरिज्म व जंगल सफारी का नया अध्याय शुरू
**दैनिक गोरखपुर ब्यूरो, महराजगंज / निचलौल:**
पूर्वांचल के समृद्ध जैव-विविधता केंद्र महराजगंज के **सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग** (Sohagibarwa Wildlife Sanctuary) को उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन व वन विभाग ने अंतरराष्ट्रीय मानकों पर ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया है। ₹32 करोड़ की स्वीकृत लागत से तैयार प्रथम चरण का विधिवत शुभारंभ वन संरक्षक व जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
गंडक नदी और रोहिन नदी के शांत कछार में स्थित इस अभयारण्य में साइबेरिया, मंगोलिया और तिब्बत से आने वाले दुर्लभ प्रवासी पक्षियों के दर्शन हेतु आधुनिक हाई-रेजोल्यूशन दूरबीनों से युक्त **60 फीट ऊंचा बर्ड वॉचिंग टॉवर** स्थापित किया गया है।
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सैलानियों के लिए प्रमुख आकर्षण एवं सुविधाएं
1. **14 किमी लंबी नेचर ट्रेल व जंगल सफारी:** पर्यटकों के लिए खुले जिप्सी वाहनों में वन रक्षकों की देखरेख में नियंत्रित सफारी ट्रैक।
2. **तेंदुआ, चीतल व घड़ियाल संरक्षण जोन:** गंडक नदी तट पर घड़ियाल ब्रीडिंग सेंटर और वेटलैंड्स में देशी-विदेशी पक्षियों का विशाल बसेरा।
3. **लकड़ी के ईको-कॉटेजेस व ट्री-हाउस:** रात्रि विश्राम के लिए सौर ऊर्जा संचालित पर्यावरण-अनुकूल 12 आधुनिक सुइट्स।
4. **स्थानीय थारू जनजाति हस्तशिल्प केंद्र:** क्षेत्रीय थारू महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प और जैविक खाद्य उत्पादों की बिक्री हेतु समर्पित केंद्र।
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स्थानीय युवाओं को मिला रोजगार का बड़ा साधन
प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) महराजगंज ने बताया कि पहले चरण में निचलौल, मधवलिया और शिवपुर क्षेत्र के 45 स्थानीय शिक्षित युवाओं को 'नेचर गाइड' और सफारी चालकों के रूप में विधिवत प्रशिक्षण देकर प्रमाण पत्र वितरित किए गए हैं। बुकिंग प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल करते हुए उत्तर प्रदेश ईको-टूरिज्म पोर्टल से जोड़ा गया है।
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मुख्य बिंदु (Key Facts):
- **स्थान:** सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य (निचलौल व मधवलिया रेंज, महराजगंज)
- **परियोजना लागत:** ₹32 करोड़
- **प्रमुख आकर्षण:** बर्ड वॉचिंग टॉवर, बटरफ्लाई पार्क, गंडक बोटिंग सफारी
- **रोजगार:** 150 से अधिक स्थानीय ग्रामीणों व युवाओं को प्रत्यक्ष आजीविका