महराजगंज के सोहागीबरवा वन्यजीव अभयारण्य में जंगल सफारी व इको-टूरिज्म सर्किट का लोकार्पण, पर्यटकों में जबरदस्त क्रेज
✍️ सतीश चंद्र त्रिपाठी
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
नेपाल सीमा से सटे महराजगंज के सोहागीबरवा सेंचुरी में अब पर्यटक खुली जिप्सियों में सफारी का आनंद ले सकेंगे। पक्षी प्रेमियों के लिए वॉच टावर तैयार।
नेपाल की शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में फैले महराजगंज जनपद के सोहागीबरवा वन्यजीव अभयारण्य को आधिकारिक रूप से उत्तर भारत के प्रमुख इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में खोल दिया गया है। वन विभाग ने आज हरी झंडी दिखाकर 10 सफारी जिप्सियों के पहले दल को जंगल में रवाना किया।
**बाघ, तेंदुआ और दुर्लभ बारहसिंगा का घर:**
428 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य में साल और सागौन के घने जंगल, रोहिन व गंडक नदियों के वेटलैंड्स हैं। यहां रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ, चीतल, मगरमच्छ और दुर्लभ प्रजाति के गिद्ध पाए जाते हैं।
**नेचर गाइड बने स्थानीय थारू जनजाति के युवा:**
इको-टूरिज्म से स्थानीय थारू और वनवासी युवाओं को सीधे जोड़ने के लिए उन्हें प्रशिक्षित नेचर गाइड और वाहन चालक के रूप में नियुक्त किया गया है। पर्यटकों के रुकने के लिए महराजगंज के निचलौल और लक्ष्मीपुर में लकड़ी के आकर्षक ट्री-हाउस व टेंट सिटी बनाई गई है।