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कुशीनगर में महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र का भव्य शुभारंभ: 5 नए क्षेत्रीय शोध केंद्र मंजूर, किसानों को मिलेगी उन्नत बीज व ड्रोन तकनीक

✍️ अनूप कुमार सिंह 📅 प्रकाशित: 9/9/2026
कुशीनगर में महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र का भव्य शुभारंभ: 5 नए क्षेत्रीय शोध केंद्र मंजूर, किसानों को मिलेगी उन्नत बीज व ड्रोन तकनीक

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थनगरी कुशीनगर में ₹750 करोड़ की लागत से स्थापित **महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय** के प्रथम शैक्षणिक सत्र (2026-27) का आज 9 सितंबर 2026 को विधिवत शैक्षणिक शुभारंभ हुआ। पहले बैच में बीएससी (कृषि), बीटेक (एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग), हार्टिकल्चर और बायोटेक्नोलॉजी के 450 छात्र-छात्राओं का इंडक्शन पूरा हुआ। इसके साथ ही भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहयोग से पूर्वांचल के तराई क्षेत्रों के लिए 5 विशेष क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों (गन्ना, केला, ड्रैगन फ्रूट, मशरूम और औषधीय खेती) की औपचारिक घोषणा की गई।

कुशीनगर में कृषि शिक्षा का नया सवेरा: महात्मा बुद्ध कृषि विश्वविद्यालय में पढ़ाई शुरू, 5 शोध केंद्र मंजूर **दैनिक गोरखपुर ब्यूरो, कसया / कुशीनगर:** भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर आज कृषि विज्ञान, उन्नत बागवानी और ग्रामीण अनुसंधान के राष्ट्रीय फलक पर एक नए प्रकाश स्तंभ के रूप में चमक उठी है। कसया-पडरौना मार्ग पर 250 एकड़ में फैले **महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MBATU)** के नवनिर्मित मुख्य प्रशासनिक व शैक्षणिक परिसर में आज 9 सितंबर 2026 को पहले शैक्षणिक सत्र का भव्य आगाज हुआ। विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति प्रो. रवींद्र कुमार ने मुख्य सभागार में नवप्रवेशित 450 छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय तराई पूर्वांचल के किसानों की आय दोगुनी करने और युवाओं को एग्री-एंटरप्रेन्योर बनाने के मिशन पर कार्य करेगा। --- स्थापित होने वाले 5 प्रमुख क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र: 1. **पूर्वांचल गन्ना जैव-प्रौद्योगिकी केंद्र:** कुशीनगर और देवरिया के चीनी कटोरे (Sugar Belt) के लिए कम पानी और रोग-प्रतिरोधी गन्ने की नई प्रजातियों का विकास। 2. **हाई-टेक केला एवं टिशू कल्चर लैब:** कुशीनगर के जी-9 केले के किसानों के लिए प्रतिवर्ष 20 लाख उच्च गुणवत्ता वाले टिशू कल्चर पौधों का रियायती दरों पर उत्पादन। 3. **ड्रोन एवं प्रेसिजन फार्मिंग उत्कृष्टता केंद्र:** किसानों को खेतों में नैनो यूरिया व कीटनाशक छिड़काव हेतु प्रशिक्षित ड्रोन पायलट तैयार करना। 4. **ड्रैगन फ्रूट व स्ट्रॉबेरी एक्सीलेंस सेंटर:** कम जमीन में अधिक मुनाफे वाली बागवानी फसलों की लाइव फील्ड ट्रेनिंग। 5. **मशरूम एवं मूल्य संवर्धन प्रसंस्करण इकाई:** महिला स्वयं सहायता समूहों को मशरूम उत्पादन, पैकेजिंग और अचार-पाउडर बनाने का निःशुल्क प्रशिक्षण। --- कुलपति का संदेश: कुलपति प्रो. रवींद्र कुमार ने कहा: > *"कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट होने के कारण हमारे कृषि विश्वविद्यालय के उत्पादों, विशेषकर स्ट्रॉबेरी, केला और औषधीय उत्पादों को सीधे खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में निर्यात करने का सीधा लॉजिस्टिक फायदा मिलेगा। विश्वविद्यालय के शोध छात्र हर सप्ताह सीधे गांवों में जाकर चौपाल लगाएंगे।"* --- मुख्य बिंदु (Key Highlights): - **संस्थान:** महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुशीनगर - **परियोजना लागत:** ₹750 करोड़ (राज्य सरकार द्वारा पूर्ण वित्तपोषित) - **परिसर क्षेत्रफल:** 250 एकड़, पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन कैंपस - **प्रथम बैच प्रवेश:** 450 विद्यार्थी (बीएससी कृषि, बीटेक, एमएससी) - **लाभ:** कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और गोरखपुर के 10 लाख किसानों को सीधे तकनीकी मार्गदर्शन