कानपुर मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर का सफल स्पीड ट्रायल; चकेरी एयरपोर्ट रैपिड लिंक और दादानगर लेदर क्लस्टर में 20 MLD जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट चालू
✍️ प्रवीण कुमार बाजपेयी
📅 प्रकाशित: 5/9/2026
औद्योगिक राजधानी कानपुर में सार्वजनिक परिवहन और पर्यावरण संरक्षण दोनों मोर्चों पर बड़ी छलांग लगी है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 (कृषि विश्वविद्यालय से बर्रा-8) के नए एलिवेटेड व अंडरग्राउंड सेक्शन पर 80 किमी/घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल पूरा किया। साथ ही चकेरी एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी और दादानगर औद्योगिक क्षेत्र में 20 MLD क्षमता के जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट का शुभारंभ हुआ।
औद्योगिक नगरी कानपुर को मेट्रो की नई गति और प्रदूषण मुक्ति का उपहार
**दैनिक गोरखपुर उद्योग व इन्फ्रास्ट्रक्चर डेस्क, कानपुर:**
कानपुर महानगर के लाखों दैनिक यात्रियों और औद्योगिक क्षेत्र के लिए शनिवार का दिन दोहरी खुशखबरी लेकर आया। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के प्रबंध निदेशक की देखरेख में मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर (सीएसए यूनिवर्सिटी से बर्रा-8) के मध्य आधुनिक सिग्नलिंग, थर्ड रेल पावर ट्रांसमिशन और ट्रैक अलाइनमेंट का उच्च गति परीक्षण 100 प्रतिशत सफलता के साथ पूर्ण कर लिया गया।
इस सेक्शन के व्यावसायिक संचालन से रावतपुर, काकादेव, गोविंद नगर और बर्रा जैसे घने रिहायशी और कोचिंग हब्स मेट्रो नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएंगे, जिससे सड़क पर वाहनों का दबाव 35% कम होगा।
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चकेरी एयरपोर्ट से सीधे जुड़ेगी मेट्रो व रैपिड फीडर बसें
कानपुर के नवनिर्मित चकेरी सिविल एयरपोर्ट टर्मिनल को मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए 12 नई इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर एसी फीडर बसें भी शुरू की गई हैं, जो हर 10 मिनट में यात्रियों को बिना किसी परेशानी के एयरपोर्ट पहुंचाएंगी।
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गंगा संरक्षण: 20 MLD क्षमता का ZLD ट्रीटमेंट प्लांट चालू
औद्योगिक प्रदूषण को शून्य पर लाने की दिशा में दादानगर और जाजमऊ लेदर इंडस्ट्रियल एरिया में ₹240 करोड़ की लागत से तैयार 20 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) क्षमता वाला **जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD)** प्लांट शुरू हो गया है:
- **जल का 100% रीसाइक्लिंग:** टैनरी से निकलने वाले अपशिष्ट जल को अत्याधुनिक आरओ (RO) और मल्टीपल इफेक्ट इवेपोरेटर (MEE) के जरिए शुद्ध कर उद्योगों को पुनः उपयोग के लिए लौटाया जाएगा।
- **गंगा में शून्य डिस्चार्ज:** गंगा नदी में औद्योगिक रासायनिक अपशिष्ट का गिरना पूरी तरह प्रतिबंधित हो गया है।
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मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 पर 80 किमी/घंटे की गति से ट्रायल सफल।
- काकादेव, रावतपुर और बर्रा के छात्रों व नागरिकों को सुगम आवागमन।
- चकेरी एयरपोर्ट के लिए हर 10 मिनट में इलेक्ट्रिक फीडर बसें।
- गंगा सुरक्षा: दादानगर में 20 MLD जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट का संचालन।