इसरो (ISRO) का गगनयान मिशन: अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतिम क्रू-एस्केप मॉड्यूल टेस्ट सफल, इतिहास रचने के करीब भारत
✍️ डॉ. रमेश चंद्र पांडेय
📅 प्रकाशित: 2/9/2026
श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से गगनयान के अंतिम सुरक्षा मॉड्यूल का सटीक परीक्षण। अंतरिक्ष में भारतीय तिरंगा लहराने का मार्ग प्रशस्त।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज अपने महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम 'गगनयान' के तहत क्रू एस्केप सिस्टम का अंतिम उच्च गति परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। बंगाल की खाड़ी में तय बिंदु पर क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित पैराशूट लैंडिंग कराई गई।
**मानव सुरक्षा के सभी मानक खरे उतरे:**
इसरो प्रमुख ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि आपात स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को रॉकेट से सुरक्षित अलग करने वाले सभी थ्रस्टर्स और सेंसरों ने शत-प्रतिशत सटीकता के साथ कार्य किया।
**भारतीय अंतरिक्ष यात्री 'गगननॉट्स' तैयार:**
भारतीय वायुसेना के चार चयनित विंग कमांडरों का कड़ा अंतरिक्ष प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। गगनयान मिशन के तहत वे 400 किमी की निचली पृथ्वी कक्षा में 3 दिनों तक रहेंगे और विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। पूरे देश में इस उपलब्धि पर गर्व का माहौल है।