भारतीय रुपये का अंतरराष्ट्रीयकरण: 28 देशों के केंद्रीय बैंकों ने खोला स्पेशल वोस्ट्रो खाता, डॉलर पर निर्भरता घटी
✍️ प्रवीण कुमार वर्मा
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
वैश्विक वित्तीय बाजार में भारतीय मुद्रा का दबदबा बढ़ा। रूस, यूएई, श्रीलंका, मॉरीशस और यूरोपीय देशों ने द्विपक्षीय व्यापार रुपये में सेटल किया।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नीतिगत सुधारों के परिणामस्वरूप भारतीय रुपया (INR) तेजी से एक वैश्विक व्यापारिक मुद्रा के रूप में उभर रहा है। नवीनतम बैंकिंग आंकड़ों के अनुसार, अब तक विश्व के 28 देशों के 60 से अधिक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बैंकों ने भारत में स्पेशल रुपी वोस्ट्रो अकाउंट्स (SRVA) सक्रिय कर लिए हैं।
**डॉलर एक्सचेंज रिस्क से मिली मुक्ति:**
कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्यान्न के द्विपक्षीय सौदे अब बिना डॉलर या यूरो में कन्वर्ट किए सीधे रुपये में तय हो रहे हैं। इससे भारतीय आयातकों और निर्यातकों को फॉरेक्स कन्वर्जन फीस में 4 से 6 प्रतिशत की सीधी बचत हो रही है।
**क्रॉस-बॉर्डर सीबीडीसी (डिजिटल रुपया) का परीक्षण:**
आरबीआई ने विदेशी केंद्रीय बैंकों के साथ मिलकर होलसेल सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (e₹-W) के जरिए सीमा पार त्वरित भुगतान का सफल पायलट प्रोजेक्ट भी पूरा कर लिया है।