गोरखपुर का ऐतिहासिक सूर्यकुंड धाम: ₹18 करोड़ से भव्य जीर्णोद्धार पूरा, कोणार्क की तर्ज पर सजा सूर्य मंदिर व सरोवर
✍️ राकेश मणि शुक्ला
📅 प्रकाशित: 2/9/2026
रोग निवारण और मनोकामना पूर्ति के लिए प्रसिद्ध सूर्यकुंड सरोवर का जल हुआ निर्मल। शाम को आयोजित होने वाली सूर्य महाआरती में उमड़ रहे श्रद्धालु।
गोरखपुर महानगर के प्राचीन धार्मिक स्थलों में शुमार द्वापर युगीन 'सूर्यकुंड धाम' का ₹18 करोड़ की लागत से किया गया भव्य पुनरुद्धार कार्य पूर्ण हो चुका है। ओडिशा के कोणार्क सूर्य मंदिर की तर्ज पर तराशे गए लाल बलुआ पत्थरों से निर्मित मुख्य सूर्य मंदिर और कुंड का विहंगम रूप देखते ही बन रहा है।
**12 सूर्य चक्र और वैदिक नक्काशी:**
मंदिर की दीवारों और कुंड की सीढ़ियों पर भगवान सूर्य के 12 आदित्यों और रथ के चक्रों की सजीव नक्काशी की गई है। कुंड के जल को औषधीय गुणों से युक्त बनाए रखने के लिए विशेष प्राकृतिक वनस्पतियों और वाटर एरिएशन फव्वारों की स्थापना की गई है।
**छठ महापर्व के लिए 50,000 व्रतियों की क्षमता:**
आगामी छठ महापर्व के दृष्टिगत कुंड के चारों ओर चौड़े पक्के घाट, चेंजिंग रूम्स और सोलर पावर्ड पाथवे लाइट्स लगाई गई हैं। प्रतिदिन संध्या काल में होने वाली 108 दीपों की सूर्य महाआरती ने शहर में आकर्षण का केंद्र बना दिया है।