गोरखपुर नाट्य महोत्सव: मुंशी प्रेमचंद सभागार में 7 दिवसीय राष्ट्रीय थियेटर फेस्ट, कालजयी नाटकों का सजीव मंचन
✍️ प्रिया त्रिपाठी
📅 प्रकाशित: 2/9/2026
रंगमंच प्रेमियों से खचाखच भरा प्रेमचंद पार्क सभागार। शास्त्रीय संगीत, धारदार संवाद और सामाजिक कुरीतियों पर करारी चोट करते नाटकों को मिली स्टैंडिंग ओवेशन।
साहित्य और रंगमंच के अमर साधक मुंशी प्रेमचंद की पावन स्मृति में गोरखपुर के टाउनहॉल स्थित मुंशी प्रेमचंद प्रेक्षागृह में 7 दिवसीय 'अखिल भारतीय राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव' का धूमधाम से आगाज हुआ।
**'गोदान' के सजीव मंचन ने दर्शकों की आंखें नम कीं:**
उद्घाटन संध्या पर मुंशी प्रेमचंद के अमर उपन्यास 'गोदान' पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। होरी और धनिया के संघर्ष, ग्रामीण भारत की विडंबना और किसानों की व्यथा को कलाकारों ने जिस मार्मिकता से मंच पर जीवंत किया, उसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
**युवाओं के लिए फ्री एक्टिंग वर्कशॉप्स:**
महोत्सव के दौरान एनएसडी के वरिष्ठ रंग निर्देशकों द्वारा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से स्थानीय छात्र-छात्राओं के लिए वॉयस मॉड्यूलेशन, बॉडी लैंग्वेज और स्क्रिप्ट राइटिंग की कार्यशालाएं निशुल्क आयोजित की जा रही हैं।