गोरखपुर टेराकोटा क्लस्टर: ओडीओपी (ODOP) के तहत ₹120 करोड़ का वैश्विक निर्यात, अमेरिका व यूरोप में भारी मांग
✍️ प्रवीण कुमार वर्मा
📅 प्रकाशित: 2/9/2026
मिट्टी से सोना उगल रहे पूर्वांचल के कुम्हार। जीआई टैग मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स अमेजन और ईबे पर टेराकोटा प्रोडक्ट्स की धूम।
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद, एक उत्पाद' (ODOP) योजना और भौगोलिक संकेतक (GI Tag) की बदौलत गोरखपुर के पारंपरिक टेराकोटा हस्तशिल्प उद्योग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में ₹120 करोड़ के विदेशी निर्यात का नया मील का पत्थर हासिल किया है।
**अमेरिका, ब्रिटेन और खाड़ी देशों में भारी मांग:**
गोरखपुर के औरंगाबाद, गुलरिहा और जंगल एकला नंबर दो गांव के 2,500 से अधिक शिल्पकार परिवारों द्वारा हाथों से तराशी गई टेराकोटा की मूर्तियां, लैंप शेड्स, नक्काशीदार हाथी, घोड़े और आधुनिक होम डेकोर प्रोडक्ट्स की न्यूयॉर्क, लंदन और दुबई के लग्जरी स्टोर्स में जबर्दस्त मांग है।
**विद्युत चाक और गैस भट्टी से बढ़ी उत्पादकता:**
हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा शिल्पकारों को निशुल्क इलेक्ट्रिक चाक, सोलर पावर्ड मिट्टी मिक्सर और धुआं-रहित गैस भट्ठियां (किल्न) प्रदान की गई हैं, जिससे टूटने की दर 30% से घटकर मात्र 2% रह गई है।