गोरखपुर पुलिस का बड़ा भंडाफोड़: किराए के बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम खपाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 4 शातिर गिरफ्तार, ₹18 लाख फ्रीज
✍️ विक्रम सिंह
📅 प्रकाशित: 3/9/2026
गोरखपुर साइबर क्राइम सेल और कैंट पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर भोले-भाले युवाओं और छात्रों के बैंक खातों को किराए पर लेकर साइबर ठगी के करोड़ों रुपये खपाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 मोबाइल फोन, 28 एटीएम कार्ड, कई चेकबुक और ₹18 लाख की ठगी की रकम खातों में फ्रीज कराई है।
गोरखपुर पुलिस: साइबर ठगी में प्रयुक्त 'म्यूल अकाउंट' सिंडिकेट का भंडाफोड़
**दैनिक गोरखपुर क्राइम डेस्क | गोरखपुर**
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन साइबर सुरक्षा' के तहत गोरखपुर साइबर क्राइम सेल और कैंट थाने की पुलिस टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने युवाओं को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर खुले बैंक खातों (Mule Accounts) में साइबर अपराध की रकम ट्रांसफर कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
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कैसे काम करता था यह गिरोह
पुलिस क्षेत्राधिकारी (साइबर क्राइम) ने प्रेस वार्ता में बताया कि पकड़े गए आरोपी विभिन्न कॉलेज छात्रों और बेरोजगार युवाओं से संपर्क करते थे। उन्हें प्रति माह ₹5,000 से ₹10,000 कमीशन का लालच देकर उनके आधार व पैन कार्ड से बैंक खाते खुलवाते थे या उनके मौजूदा खातों का एटीएम कार्ड, चेकबुक और नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स अपने कब्जे में ले लेते थे।
इसके बाद देश भर में डिजिटल अरेस्ट, पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड और शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगी गई रकम को इन खातों में मंगाया जाता था। रकम आते ही एटीएम और यूपीआई के जरिए कुछ ही मिनटों में कैश निकाल लिया जाता था या क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जाता था।
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बरामदगी एवं पुलिस कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
- 12 स्मार्टफोन और 18 सिम कार्ड
- विभिन्न राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों के 28 एटीएम/डेबिट कार्ड
- 14 पासबुक और 9 हस्ताक्षरित चेकबुक
- ₹2.85 लाख नकद और विभिन्न बैंक खातों में मौजूद ₹18 लाख की राशि फ्रीज
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एसएसपी की युवाओं और अभिभावकों से अपील
एसएसपी गोरखपुर ने नागरिकों और खासकर छात्र-छात्राओं को सख्त चेतावनी दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या ओटीपी साझा न करें। यदि किसी खाते में साइबर ठगी की रकम पाई जाती है तो खाताधारक भी आपराधिक साजिश (IPC 120B / BNS) का आरोपी बन सकता है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें।