गोरखपुर न्यायालय का त्वरित न्याय में ऐतिहासिक फैसला: मासूम से दुष्कर्म के दोषी को मात्र 18 दिन के ट्रायल में मिली फांसी की सजा
✍️ सुनील कुमार सिंह
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले वहशी दरिंदे को अदालत ने माना समाज के लिए कलंक। पीड़िता के परिजनों ने न्याय मिलने पर जताया संतोष।
गोरखपुर की विशेष पोक्सो (POCSO) अदालत ने न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक मिसाल कायम करते हुए 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ जघन्य दुष्कर्म करने वाले 28 वर्षीय दरिंदे को मात्र 18 कार्यदिवसों के भीतर सुनवाई पूरी कर फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर ₹1 लाख का अर्थदंड भी लगाया गया है।
**पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना बनी आधार:**
घटना के मात्र 48 घंटे के भीतर गीडा थाना पुलिस ने फोरेंसिक लैब से डीएनए प्रोफाइलिंग रिपोर्ट प्राप्त कर 150 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी थी। अभियोजन पक्ष ने 12 प्रत्यक्षदर्शियों और डॉक्टरों के बयान दिन-प्रतिदिन (Day-to-day) आधार पर दर्ज कराए।
**अदालत की सख्त टिप्पणी:**
न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मासूम बच्चियों के प्रति ऐसे घिनौने कृत्य 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (दुर्लभतम से दुर्लभ) श्रेणी में आते हैं और ऐसे अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी समाज के लिए घातक है। निर्णय सुनते ही अदालत परिसर में उपस्थित लोगों ने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया।