गोरखपुर आउटर रिंग रोड फेज-2 का निर्माण अंतिम चरण में, 6 जनपदों के ट्रैफिक जाम से मिलेगी स्थायी मुक्ति
✍️ सतीश चंद्र त्रिपाठी
📅 प्रकाशित: 2/9/2026
गोरखपुर को महानगर की तर्ज पर जोड़ने वाली फोर-लेन आउटर रिंग रोड के दूसरे चरण पर डामरीकरण का काम तेज हो गया है। नवंबर तक शुरू होने की संभावना।
गोरखपुर महानगर के चारों ओर यातायात को सुगम बनाने और भारी ट्रकों को शहर की आंतरिक सड़कों से बाहर रखने के उद्देश्य से बनाई जा रही 96 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड के दूसरे चरण का कार्य 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
**वाराणसी-नेपाल और लखनऊ-बिहार का सीधा संपर्क:**
एनएचएआई (NHAI) के मुख्य परियोजना प्रबंधक के अनुसार, यह रिंग रोड जगदीशपुर, कालेसर, जंगल कौड़िया, जगदीशपुर और खोराबार को आपस में जोड़ेगी। इससे सोनौली (नेपाल बॉर्डर), बिहार जाने वाले वाहन शहर में प्रवेश किए बिना ही बाईपास से निकल सकेंगे।
**रोड सेफ्टी और स्मार्ट लाइटिंग:**
पूरी रिंग रोड पर सोलर पावर्ड एलईडी स्ट्रीट लाइट्स, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे और 6 प्रमुख जंक्शनों पर क्लोवरलीफ फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं।
गोरखपुर के नागरिकों और व्यापारियों ने बताया कि रिंग रोड के पूरी तरह चालू होने से गोलघर, असुरन और धर्मशाला बाजार में लगने वाले जाम से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।