पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर जंक्शन के ₹612 करोड़ के पुनर्विकास को मिली अंतिम तकनीकी मंजूरी: 135 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स, 63 एस्केलेटर और 45 लिफ्ट्स के साथ दिसंबर 2027 तक बनेगा विश्वस्तरीय 'सिटी सेंटर' स्टेशन
✍️ राजेश कुमार चौबे
📅 प्रकाशित: 8/9/2026
पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के ऐतिहासिक गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के 'सिटी सेंटर' मॉडल पर पुनर्विकसित करने की ₹612 करोड़ की महापरियोजना को रेलवे बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय से अंतिम तकनीकी क्लीयरेंस मिल गई है। परियोजना के तहत 135 मीटर चौड़ा विशाल रूफटॉप एयर कॉनकोर्स बनेगा, जो प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 10 को सीधे जोड़ेगा। स्टेशन परिसर में 63 नए एस्केलेटर, 45 ऑटोमैटिक लिफ्ट्स और उत्तर-दक्षिण दोनों दिशाओं में 1200 वाहनों की मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण तेजी से जारी है। दिसंबर 2027 तक यह स्टेशन पूर्वांचल का सबसे भव्य रेल टर्मिनल बनकर तैयार हो जाएगा।
गोरखपुर जंक्शन का कायाकल्प: ₹612 करोड़ से एयरपोर्ट जैसा भव्य बनेगा स्टेशन, तकनीकी मंजूरी पूरी
**दैनिक गोरखपुर ब्यूरो, पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय (गोरखपुर):**
पूर्वोत्तर रेलवे (North Eastern Railway) के सबसे बड़े और व्यस्ततम गोरखपुर जंक्शन के इतिहास में आज 8 सितंबर 2026 को एक बड़ा मील का पत्थर हासिल हुआ है। रेलवे बोर्ड, गति शक्ति विकास प्राधिकरण और पर्यावरण मूल्यांकन समिति की संयुक्त उच्च स्तरीय बैठक में गोरखपुर रेलवे स्टेशन के ₹612 करोड़ के पुनर्विकास (Redevelopment Master Plan) की सभी अंतिम विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट (DPR) और सुरक्षा प्रोटोकॉल्स को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
महाप्रबंधक (NER) सौम्या माथुर और निर्माण संगठन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण एजेंसियों ने फाउंडेशन पाइलिंग और दक्षिण छोर (रेलवे कॉलोनी साइड) पर ग्राउंड क्लीयरेंस का काम युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दिया है।
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विश्वस्तरीय स्टेशन की प्रमुख अत्याधुनिक विशेषताएं:
1. **135 मीटर चौड़ा रूफ एयर कॉनकोर्स (Air Concourse):**
हवाई अड्डे के टर्मिनल की तर्ज पर सभी 10 प्लेटफॉर्म्स के ऊपर हवा में तैरता हुआ 135 मीटर लंबा और 80 मीटर चौड़ा विशाल कॉनकोर्स बनेगा। इसमें यात्रियों के बैठने के लिए 3,500 क्षमता का वातानुकूलित वेटिंग लाउंज, प्रीमियम फूड कोर्ट, शॉपिंग कियोस्क और निःशुल्क हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधा होगी।
2. **सुगम आवागमन हेतु 63 एस्केलेटर व 45 लिफ्ट्स:**
दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और भारी सामान वाले यात्रियों की सुविधा के लिए प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर दोनों छोर पर ऑटोमैटिक सीढ़ियां (एस्केलेटर) और स्ट्रेचर युक्त बड़ी लिफ्ट्स स्थापित की जा रही हैं।
3. **उत्तर और दक्षिण दोनों दिशाओं से सीधा प्रवेश (Dual Entry System):**
अब तक केवल गोलघर/धर्मशाला की तरफ से मुख्य प्रवेश होता था। नए डिजाइन में विश्वविद्यालय-रेलवे कॉलोनी की तरफ दूसरा भव्य मुख्य प्रवेश द्वार बन रहा है, जिससे असुरन व कचहरी रोड का ट्रैफिक दबाव 50% घट जाएगा।
4. **1200 कारों व 3000 दोपहिया वाहनों की मल्टी-लेवल पार्किंग:**
दोनों द्वारों पर मल्टी-लेवल स्मार्ट पार्किंग कॉम्प्लेक्स होंगे, जिनमें इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन्स की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
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पूर्वोत्तर रेलवे महाप्रबंधक का आधिकारिक वक्तव्य:
पूर्वोत्तर रेलवे की महाप्रबंधक सौम्या माथुर ने बताया:
> *"गोरखपुर जंक्शन केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि पूर्वांचल, बिहार और नेपाल के करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है। ₹612 करोड़ की इस पुनर्विकास परियोजना को दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान सामान्य ट्रेन परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।"*
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गोरखपुर से दो नई 'अमृत भारत एक्सप्रेस' का जल्द शुभारंभ:
रेलवे सूत्रों के अनुसार, आगामी त्योहारी सीजन (दशहरा व दीपावली) से पूर्व गोरखपुर से प्रयागराज (वाया वाराणसी) और गोरखपुर से पाटलिपुत्र/सहरसा रूट पर 2 नई अत्याधुनिक 'अमृत भारत पुश-पुल एक्सप्रेस' ट्रेनों के नियमित संचालन का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है, जिसकी पहली रेक गोरखपुर यार्ड में इसी सप्ताह पहुंचने की संभावना है।
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मुख्य बिंदु (Key Takeaways):
- **परियोजना लागत:** ₹612 करोड़ (रेलवे बोर्ड द्वारा शत-प्रतिशत वित्तपोषित)
- **लक्ष्य तिथि:** दिसंबर 2027 (चरणबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म्स का आधुनिकीकरण)
- **मुख्य आकर्षण:** 135 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स, 63 एस्केलेटर, 45 लिफ्ट्स, डुअल एंट्री गेट
- **लाभार्थी:** प्रतिदिन यात्रा करने वाले 1.2 लाख से अधिक रेल यात्री