फार्मास्युटिकल हब बनता गोरखपुर: मेडिकल डिवाइस पार्क में 18 नई कंपनियों ने शुरू किया सीरिंज, कैथेटर और डायग्नोस्टिक किट का निर्माण
✍️ प्रवीण कुमार वर्मा
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
चीन पर निर्भरता खत्म, भारत में बने सर्जिकल और मेडिकल उपकरण। एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज सहित देश के 100+ बड़े अस्पतालों में गोरखपुर से आपूर्ति।
गोरखपुर अब केवल पूर्वांचल का स्वास्थ्य उपचार केंद्र ही नहीं, बल्कि चिकित्सा उपकरणों के विनिर्माण का एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बनकर उभर रहा है। गीडा के सेक्टर 28 में 200 एकड़ में विकसित 'मेडिकल डिवाइस एवं फार्मा पार्क' में 18 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने आधुनिक उत्पादन प्लांट चालू कर दिए हैं।
**विश्वस्तरीय ऑटोमैटिक क्लीन रूम्स:**
इन प्लांट्स में आईएसओ और डब्ल्यूएचओ-जीएमपी प्रमाणित क्लास 10,000 क्लीन रूम्स में डिस्पोजेबल सीरिंज, आईवी कैनुला, कार्डियक कैथेटर, ब्लड बैग्स, डायलिसिस किट्स और रैपिड एंटीजन टेस्ट स्ट्रिप्स का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा है।
**लागत में 40% तक की कमी:**
घरेलू उत्पादन शुरू होने से अस्पतालों और आम जनता को मिलने वाले जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरण आयातित उपकरणों की तुलना में 35 से 40 प्रतिशत सस्ते दामों पर उपलब्ध हो रहे हैं।