गोरखपुर एम्स व जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू व मौसमी बीमारियों को लेकर अलर्ट: 27 स्वास्थ्यकर्मियों को लगा टीका, 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार
✍️ डॉ. राजेश श्रीवास्तव
📅 प्रकाशित: 3/9/2026
गोरखपुर में मौसम के बदलते मिजाज और उमस भरी गर्मी के बीच संक्रामक रोगों और स्वाइन फ्लू (H1N1) की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। गोरखपुर एम्स और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में 20 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड सक्रिय किया गया है तथा अग्रिम पंक्ति के 27 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया है।
गोरखपुर एम्स और जिला अस्पताल में संक्रामक रोगों से बचाव की तैयारी पुख्ता
**दैनिक गोरखपुर स्वास्थ्य डेस्क | गोरखपुर**
पूर्वांचल में अगस्त-सितंबर माह में होने वाली मौसमी बीमारियों, वायरल फीवर, डेंगू और स्वाइन फ्लू (H1N1) के संभावित खतरे को देखते हुए गोरखपुर स्वास्थ्य विभाग और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS गोरखपुर) ने संयुक्त रूप से व्यापक एहतियाती कदम उठाए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) गोरखपुर ने बताया कि जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) को आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों और जांच किट से लैस कर दिया गया है।
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27 स्वास्थ्यकर्मियों का विशेष टीकाकरण
संक्रामक रोगों के इलाज में सीधे तौर पर जुड़े रहने वाले डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले चरण में 27 स्वास्थ्यकर्मियों को इन्फ्लूएंजा व स्वाइन फ्लू से बचाव का विशेष टीका लगाया गया है।
एम्स गोरखपुर के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष ने बताया कि मरीजों के सीधे संपर्क में आने वाले स्टाफ का प्रतिरक्षण आवश्यक है ताकि संक्रमण के किसी भी फैलाव को शून्य पर रोका जा सके।
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20 बेड का हाई-टेक आइसोलेशन वार्ड
जिला अस्पताल और एम्स में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और पल्स ऑक्सीमीटर से युक्त 20 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड 24 घंटे चालू कर दिया गया है। इसके अलावा:
- जिला मलेरिया अधिकारी और एपिडेमिक टीमों को संवेदनशील ग्रामीण इलाकों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं।
- बीआरडी मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी लैब को 24x7 टेस्टिंग के लिए सक्रिय रखा गया है, जहां 4 से 6 घंटे में सैंपलों की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा रही है।
- सरकारी व निजी अस्पतालों को संक्रामक बुखार के मरीजों का दैनिक डेटा सीएमओ कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।
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डॉक्टरों की आम जनता को सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के बुखार, गले में खराश या सांस लेने में परेशानी को नजरअंदाज न करें और झोलाछाप के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
- साफ पानी पिएं, पानी को उबालकर ठंडा करके पिएं।
- घर के आसपास गमलों, कूलरों और टायरों में पानी जमा न होने दें।
- छींकते या खांसते समय रुमाल का प्रयोग करें।