गोरखनाथ मंदिर परिसर में हेरिटेज म्यूजियम व डिजिटल लाइब्रेरी का विस्तार, नाथ संप्रदाय के प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन
✍️ राकेश मणि शुक्ला
📅 प्रकाशित: 2/9/2026
गोरखनाथ मंदिर में दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथों और योग दर्शन के अभिलेखों के संरक्षण हेतु अत्याधुनिक डिजिटल आर्काइव व इंटरएक्टिव म्यूजियम का लोकार्पण।
गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखनाथ मंदिर परिसर में भारतीय संस्कृति, योग दर्शन और नाथ संप्रदाय के अमूल्य इतिहास को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी एवं शोध संग्रहालय का विस्तार किया गया है।
**3000 से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण:**
मंदिर के अभिलेखागार में ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर लिखी गई 10वीं से 18वीं शताब्दी की 3000 से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियों को उच्च रिज़ॉल्यूशन स्कैनर के माध्यम से डिजिटाइज किया जा रहा है। शोधार्थी अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इन पांडुलिपियों का अनुवाद और अध्ययन कर सकेंगे।
**इंटरएक्टिव 3D वर्चुअल गैलरी:**
म्यूजियम में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए 3D ऑडियो-विजुअल हॉल तैयार किया गया है, जहां गुरु मत्स्येंद्रनाथ, गुरु गोरखनाथ और नाथ योगियों के जीवन आदर्शों को एनीमेशन और साउंड इफेक्ट्स के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है।
देश-विदेश से आने वाले योग जिज्ञासुओं के लिए बहुभाषी ऑडियो गाइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।