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राजनीति

राजनीतिक दलों की चुनावी फंडिंग में पारदर्शिता: 100% डिजिटल चंदे और रियल-टाइम ऑडिट पर राष्ट्रीय सर्वदलीय सहमति

✍️ राकेश मणि शुक्ला 📅 प्रकाशित: 1/9/2026
राजनीतिक दलों की चुनावी फंडिंग में पारदर्शिता: 100% डिजिटल चंदे और रियल-टाइम ऑडिट पर राष्ट्रीय सर्वदलीय सहमति

लोकतंत्र को धनबल के प्रभाव से मुक्त करने के लिए ऐतिहासिक पहल। प्रत्येक राजनीतिक दल को अपनी बैलेंस शीट हर तिमाही ऑनलाइन सार्वजनिक करनी होगी।

भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में आज नई दिल्ली में आयोजित सर्वदलीय बैठक में एक युगांतरकारी सर्वसम्मति बनी है। चुनाव आयोग द्वारा प्रस्तावित 'डिजिटल इलेक्टोरल ट्रांसपेरेंसी फ्रेमवर्क' को सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। **नकद चंदे की सीमा शून्य करने पर विचार:** नए नियमों के अनुसार, राजनीतिक दलों को मिलने वाला एक रुपया भी केवल यूपीआई, नेट बैंकिंग या बैंक ट्रांसफर के डिजिटल माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। दाता के पैन नंबर और पहचान का स्वतः सत्यापन होगा। **जनता देख सकेगी चंदे का स्रोत:** चुनाव आयोग के केंद्रीय सार्वजनिक डैशबोर्ड पर प्रत्येक दल के आय और व्यय का त्रैमासिक ऑडिट डेटा लाइव प्रदर्शित किया जाएगा। नागरिक समाज और चुनावी विश्लेषकों ने इसे भारतीय राजनीति का ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है।