डिजिटल इंडिया 2.0: सरकारी सेवाओं में AI एजेंट ‘भारत सेवा’ लॉन्च, 22 भारतीय भाषाओं में घर बैठे होगा काम
✍️ प्रिया त्रिपाठी
📅 प्रकाशित: 1/9/2026
ग्रामीण और बुजुर्ग नागरिकों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर खत्म। व्हाट्सएप और उमंग ऐप पर बस बोलकर मिलेंगी 1200 से अधिक सरकारी सेवाएं।
डिजिटल गवर्नेंस को देश के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ और सहज बनाने के लिए भारत सरकार ने 'भाषिणी' (Bhashini) भाषा मॉडल पर आधारित राष्ट्रीय AI वर्चुअल असिस्टेंट 'भारत सेवा' का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ किया है।
**बस अपनी बोली में बोलिए और काम हो जाएगा:**
इस सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत यह है कि भोजपुरी, मैथिली, अवधी, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, बंगाली समेत संविधान की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं और क्षेत्रीय बोलियों को यह स्वाभाविक रूप से समझता है। कोई भी नागरिक फोन पर कॉल करके या व्हाट्सएप पर वॉयस मैसेज भेजकर राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, किसान सम्मान निधि स्टेटस और बिजली बिल संशोधन का कार्य पूरा करा सकता है।
**बिचौलियों और कतारों से मिली पूर्ण मुक्ति:**
पोर्टल पर बायोमेट्रिक या आधार ओटीपी के जरिए सीधे ई-प्रमाण पत्र डाउनलोड हो जाते हैं, जिससे समय और धन की भारी बचत हो रही है।