देवरिया में मॉडर्न शुगर बायो-रिफाइनरी कॉरिडोर को हरी झंडी, 40 हजार गन्ना किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
✍️ अमित कुमार पांडेय
📅 प्रकाशित: 2/9/2026
देवरिया में बंद पड़ी चीनी मिलों की जगह पर ₹1200 करोड़ की लागत से मल्टी-फीड इथेनॉल और बायो-सीएनजी कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू।
पूर्वांचल के चीनी के कटोरे के रूप में विख्यात देवरिया जनपद में कृषि-उद्योग को नया जीवन मिलने जा रहा है। बैतालपुर औद्योगिक क्षेत्र में ₹1200 करोड़ के अत्याधुनिक शुगर बायो-रिफाइनरी और ग्रीन इथेनॉल डिस्टिलरी प्रोजेक्ट को अंतिम प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है।
**गन्ने के साथ टूटे चावल और मक्के से बनेगा ग्रीन फ्यूल:**
यह संयंत्र 2G बायो-इथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायो-गैस (CBG) का उत्पादन करेगा। इससे देवरिया, कुशीनगर और सलेमपुर के 40,000 से अधिक किसानों को उनकी उपज का भुगतान 7 दिनों के भीतर डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में मिलेगा।
**2500 स्थानीय युवाओं को रोजगार:**
परियोजना निदेशक ने बताया कि इस प्लांट से 2500 तकनीकी व गैर-तकनीकी युवाओं को स्थायी रोजगार मिलेगा। साथ ही गन्ने की खोई और वेस्ट से 35 मेगावाट ग्रीन बिजली भी ग्रिड को सप्लाई की जाएगी।