प्रोफेसर के.पी. सिंह बने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के नए कुलपति, कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने जारी किया आदेश; 3 साल का होगा कार्यकाल
✍️ डॉ. सतीश चंद्र त्रिपाठी
📅 प्रकाशित: 5/9/2026
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDUGU) को नया कुलपति मिल गया है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रोफेसर के.पी. सिंह (कृष्ण पाल सिंह) को विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से 3 वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी होगा। इससे पूर्व वह रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली और हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं। निवर्तमान कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कार्यकाल 4 सितंबर को समाप्त हो गया था।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को मिला नया नेतृत्व: प्रो. के.पी. सिंह बने नए कुलपति
**दैनिक गोरखपुर ब्यूरो, गोरखपुर / लखनऊ:**
पूर्वांचल के सर्वोच्च शैक्षणिक केंद्र **दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDUGU)** को नया मुखिया मिल गया है। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति **श्रीमती आनंदीबेन पटेल** ने राजभवन लखनऊ से आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए वरिष्ठ शिक्षाविद **प्रोफेसर के.पी. सिंह (कृष्ण पाल सिंह)** को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है।
राजभवन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रोफेसर के.पी. सिंह की यह नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से **तीन वर्ष** की अवधि के लिए प्रभावी होगी।
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राजभवन सचिवालय से जारी आधिकारिक अधिसूचना
राज्यपाल एवं कुलाधिपति सचिवालय द्वारा जारी अधिकृत पत्र में उल्लेख किया गया है:
> *"उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्रोफेसर के.पी. सिंह, प्रोफेसर (बायोफिजिक्स), गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर (उत्तराखंड) को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर का कुलपति नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 3 वर्ष की अवधि के लिए होगी।"*
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निवर्तमान कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कार्यकाल समाप्त
विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन का 3 वर्ष का निर्धारित कार्यकाल **4 सितंबर 2026** को पूरा हो गया था। उनके कार्यकाल समाप्ति के साथ ही विश्वविद्यालय के नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई थी। शनिवार 5 सितंबर को राजभवन द्वारा नियुक्ति आदेश जारी होने के साथ ही नए कुलपति को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लग गया।
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देश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का नेतृत्व कर चुके हैं प्रो. के.पी. सिंह
प्रोफेसर के.पी. सिंह देश के उच्च शिक्षा और शोध जगत में एक सुपरिचित और सम्मानित नाम हैं:
1. **महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली:** प्रो. के.पी. सिंह ने अगस्त 2020 से अगस्त 2026 तक रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति का दायित्व अत्यंत कुशलता से निभाया। उनके कार्यकाल में रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने नैक मूल्यांकन, परीक्षा सत्र नियमितीकरण और शोध विस्तार में नई उपलब्धियां हासिल कीं।
2. **चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (CCSHAU), हिसार:** इससे पूर्व वह हरियाणा के प्रतिष्ठित सीसीएसएचएयू के कुलपति के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
3. **महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय (MHU), करनाल:** उन्होंने करनाल स्थित इस राज्य बागवानी विश्वविद्यालय के कुलपति का दायित्व भी सफलतापूर्वक संभाला।
4. **मूल संस्थान (पंतनगर विश्वविद्यालय):** प्रो. के.पी. सिंह मूल रूप से देश के अग्रणी कृषि व प्रौद्योगिकी संस्थान गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GBPUAT), पंतनगर (उत्तराखंड) में जैवभौतिकी (Biophysics) विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर हैं।
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नए कुलपति के सामने होंगी ये प्रमुख चुनौतियां व प्राथमिकताएं
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय नैक (NAAC) द्वारा देश के सर्वोच्च **A++** ग्रेड से सम्मानित विश्वविद्यालय है। नए कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के कार्यभार संभालते ही उनके सामने कई महत्वपूर्ण कार्य और प्राथमिकताएं होंगी:
- **नैक A++ की अकादमिक गरिमा बनाए रखना:** विश्वविद्यालय को मिले सर्वोच्च नैक ग्रेड के अनुरूप विश्वस्तरीय लैब, आधुनिक लाइब्रेरी और उच्च स्तरीय शोध परियोजनाओं को गति देना।
- **राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) का विस्तार:** स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर नए वोकेशनल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का सुचारू संचालन।
- **सत्र नियमितीकरण व परीक्षा परिणाम:** गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के संबद्ध 300+ महाविद्यालयों के लाखों छात्र-छात्राओं की परीक्षाओं व परिणामों को पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से संचालित करना।
- **परिसर में छात्र कल्याण व छात्रावास सुधार:** छात्रावासों की आधारभूत संरचना को दुरुस्त करना, मेस व सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और छात्र समस्याओं का 24 घंटे में निवारण।
- **उद्योग-विश्वविद्यालय एमओयू (प्लेसमेंट):** गीडा (GIDA) और राष्ट्रीय औद्योगिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर छात्र-छात्राओं के लिए ऑन-कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव तेज करना।
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विश्वविद्यालय परिवार और छात्र संगठनों में हर्ष
प्रोफेसर के.पी. सिंह की नियुक्ति का समाचार मिलते ही गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन, शिक्षक संघ (गूटा), कर्मचारी संघ और छात्र नेताओं ने हर्ष व्यक्त किया है। शिक्षकों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रो. सिंह के व्यापक प्रशासनिक और अकादमिक अनुभव का लाभ गोरखपुर विश्वविद्यालय को मिलेगा और विश्वविद्यालय राष्ट्रीय पटल पर नई ऊंचाइयों को छुएगा।
जानकारी के अनुसार, प्रोफेसर के.पी. सिंह अगले 2-3 दिनों में गोरखपुर पहुंचकर महायोगी गोरखनाथ और बाबा गंभीरनाथ का आशीर्वाद लेने के उपरांत विधिवत अपना पदभार ग्रहण करेंगे।
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मुख्य बिंदु (Key Takeaways):
- **पद:** कुलपति (Vice-Chancellor), दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDUGU)
- **नए कुलपति:** प्रोफेसर के.पी. सिंह (प्रोफेसर, बायोफिजिक्स, पंतनगर विवि)
- **नियुक्ति आदेश:** राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा 5 सितंबर 2026 को जारी
- **कार्यकाल:** कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 3 वर्ष
- **पूर्व कुलपति:** प्रो. पूनम टंडन (कार्यकाल 4 सितंबर 2026 को समाप्त)
- **पूर्व अनुभव:** कुलपति - रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, बागवानी विवि करनाल