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साइबर फ्रॉड अलर्ट: ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘बिजली बिल कटने’ के फर्जी व्हाट्सएप मैसेजेस से रहें सावधान, गोरखपुर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

✍️ सौरभ श्रीवास्तव 📅 प्रकाशित: 1/9/2026
साइबर फ्रॉड अलर्ट: ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘बिजली बिल कटने’ के फर्जी व्हाट्सएप मैसेजेस से रहें सावधान, गोरखपुर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम का कोई प्रावधान नहीं। किसी भी अज्ञात वीडियो कॉल पर वर्दी पहने व्यक्ति के झांसे में न आएं, तुरंत नजदीकी थाने में संपर्क करें।

गोरखपुर परिक्षेत्र के साइबर अपराध थाने और गोरखपुर पुलिस ने नागरिकों को वित्तीय धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग से बचाने के लिए 'ऑपरेशन सुरक्षित पूर्वांचल' के तहत एक विस्तृत साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। **क्या है 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम?** साइबर ठग पुलिस, कस्टम्स, ईडी (ED) या सीबीआई के नाम पर फोन करते हैं और पीड़ित को बताते हैं कि उनके नाम से कोई संदिग्ध पार्सल या बैंक खाता मनी लॉन्ड्रिंग में पकड़ा गया है। इसके बाद स्काइप या व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर फर्जी पुलिस स्टेशन का बैकग्राउंड दिखाकर पीड़ित को घर में बंधक बना लेते हैं और लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लेते हैं। **पुलिस के 5 सुरक्षा दिशा-निर्देश:** 1. कोई भी जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर पूछताछ या 'अरेस्ट' नहीं करती। 2. किसी भी अज्ञात लिंक या एपीके (APK) फाइल को डाउनलोड न करें। 3. बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी (OTP) या पिन नहीं मांगता। 4. धोखाधड़ी होने पर तुरंत '1930' राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।