बुंदेलखंड में विकास की नई सुबह: झांसी डिफेंस कॉरिडोर में मिसाइल प्रोपल्शन प्लांट की नींव; केन-बेतवा लिंक नहर से बांदा, महोबा व हमीरपुर में 4.5 लाख किसानों को सिंचाई का जल
✍️ रुद्र प्रताप सिंह
📅 प्रकाशित: 5/9/2026
वीरभूमि बुंदेलखंड को आत्मनिर्भर भारत और रक्षा विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के तहत झांसी नोड में ₹850 करोड़ की लागत से बनने वाली मिसाइल प्रोपल्शन और एयरोस्पेस कंपोनेंट टेस्टिंग यूनिट का भूमिपूजन संपन्न हुआ। इसके साथ ही केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिंक कैनाल और फीडर नहरों के निर्माण का नया चरण शुरू होने से बांदा, महोबा, चित्रकूट और हमीरपुर के 4.5 लाख से अधिक अन्नदाताओं के खेतों तक पानी पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
बुंदेलखंड: बारूदी हथियारों से स्वावलंबन और केन-बेतवा से हरियाली की नई इबारत
**दैनिक गोरखपुर बुंदेलखंड विशेष प्रतिनिधि, झांसी / बांदा:**
उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र अब सूखे और पलायन की पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर रक्षा विनिर्माण, सोलर एनर्जी और उन्नत सिंचाई के मॉडल के रूप में देश के सामने उभर रहा है। शनिवार को झांसी-ललितपुर हाईवे पर स्थित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित अत्याधुनिक मिसाइल प्रणोदन प्रणाली (Missile Propulsion System) और एयरोस्पेस टेस्टिंग लैब के निर्माण का शुभारंभ हुआ।
यूपीडा (UPEIDA) के अधिकारियों के अनुसार, इस इकाई में भारतीय सेना और डीआरडीओ (DRDO) के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन प्रोपल्शन मोटर्स और लाइट कॉम्बैट कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा।
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केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना: खेतों तक पहुंचा पानी
बुंदेलखंड के चिरलंबित जल संकट के स्थायी समाधान हेतु:
- **लिंक नहरों का 221 किमी संजाल:** दौधन बांध से निकलने वाली मुख्य लिंक नहर के माध्यम से बांदा, महोबा, हमीरपुर और झांसी के 1,800 से अधिक गांवों में माइक्रो-इरिगेशन (ड्रिप व स्प्रिंकलर) नेटवर्क बिछाने का कार्य तेज हो गया है।
- **4.5 लाख किसानों को लाभ:** इस चरण के पूर्ण होने से प्रतिवर्ष लगभग 10.62 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और बुंदेलखंड के किसान दलहन, तिलहन और औषधीय फसलों की दोहरी पैदावार ले सकेंगे।
- **हर घर नल जल योजना:** 62 लाख से अधिक ग्रामीणों को शुद्ध नल का जल 24 घंटे उपलब्ध कराने के लिए 85 नए ओवरहेड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स सक्रिय किए गए हैं।
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चित्रकूट में सौर ऊर्जा व ईको-टूरिज्म
धार्मिक नगरी चित्रकूट में गुप्त गोदावरी और रामघाट क्षेत्र में 100 मेगावॉट का नया फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट भी ग्रिड से जोड़ दिया गया है, जिससे पूरे धार्मिक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूर्णतः हरित ऊर्जा से संचालित होगी।
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मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- झांसी डिफेंस कॉरिडोर में ₹850 करोड़ के मिसाइल प्रोपल्शन यूनिट की नींव रखी गई।
- रक्षा क्षेत्र में 3,000 से अधिक स्थानीय युवाओं को इंजीनियरिंग व तकनीकी रोजगार।
- केन-बेतवा लिंक से बांदा, महोबा, हमीरपुर के 4.5 लाख किसानों को सुनिश्चित सिंचाई।
- चित्रकूट में 100 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट का सफल ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन।