गोरखपुर एम्स व बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पूर्वांचल के मरीजों के लिए आधुनिक रोबोटिक सर्जरी और 24x7 डिजिटल ओपीडी का शुभारंभ
✍️ दैनिक गोरखपुर डिजिटल डेस्क
📅 प्रकाशित: 2/9/2026
गोरखपुर एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पूर्वांचल, बिहार और नेपाल के मरीजों को अब विश्वस्तरीय सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। नई रोबोटिक सर्जरी विंग और चौबीसों घंटे डिजिटल ओपीडी पर्ची सिस्टम की शुरुआत हुई।
पूर्वांचल के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम: एम्स गोरखपुर में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार
**दैनिक गोरखपुर विशेष रिपोर्ट, गोरखपुर:**
गोरखपुर व समूचे पूर्वांचल के लाखों नागरिकों, सीमावर्ती बिहार और पड़ोसी देश नेपाल के मरीजों के लिए एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य सौगात की शुरुआत हुई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS गोरखपुर) एवं बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज में उन्नत रोबोटिक सर्जरी विंग और 24x7 डिजिटल स्मार्ट ओपीडी प्रणाली का विधिवत शुभारंभ किया गया।
1. जटिल ऑपरेशनों में रोबोटिक प्रिसिजन से मरीजों को त्वरित राहत
नई रोबोटिक सर्जरी यूनिट के जरिए न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और ऑन्कोलॉजी (कैंसर) के जटिल ऑपरेशन अब न्यूनतम चीर-फाड़ (Minimally Invasive) के साथ अत्यंत सटीकता से संपन्न किए जा सकेंगे।
एम्स के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार:
- **रक्तस्राव में 85% तक कमी:** रोबोटिक आर्म्स 360-डिग्री सूक्ष्म मूवमेंट प्रदान करते हैं जिससे मरीज की रिकवरी महज 48 से 72 घंटों में संभव हो जाती है।
- **अत्यंत कम लागत:** निजी महानगरों के महंगे अस्पतालों की तुलना में एम्स गोरखपुर में यह अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी अत्यधिक रियायती सरकारी दरों पर उपलब्ध होगी।
2. 'स्मार्ट कतार मुक्त' डिजिटल ओपीडी और आभा (ABHA) हेल्थ कार्ड इंटीग्रेशन
मरीजों को सुबह लंबी लाइनों में लगने की परेशानी से मुक्ति दिलाने के लिए परिसर में 15 नए डिजिटल कियोस्क और मोबाइल टोकन प्रणाली शुरू की गई है।
- मरीज अब घर बैठे 'दैनिक गोरखपुर डिजिटल लिंक' अथवा स्वास्थ्य पोर्टल के माध्यम से अपना ओपीडी स्लॉट व डॉक्टर परामर्श समय बुक कर सकेंगे।
- सभी जांच रिपोर्ट सीधे मरीज के पंजीकृत मोबाइल पर डिजिटल हस्ताक्षर के साथ 4 घंटे के भीतर प्रेषित की जाएंगी।
3. रामगढ़ ताल और गीडा कॉरिडोर में ग्रीन एंबुलेंस कॉरिडोर
आपातकालीन स्थिति में दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले गंभीर रोगियों के लिए शहर के प्रमुख मार्गों (देवरिया बाईपास, कुशीनगर मार्ग और गीडा फोरलेन) पर ट्रैफिक पुलिस के समन्वय से 'ग्रीन एंबुलेंस कॉरिडोर' सक्रिय किया गया है, जिससे अस्पताल पहुंचने का समय 40 मिनट से घटकर महज 15 मिनट रह गया है।
संस्थान के निदेशक ने बताया कि यह पूर्वांचल के स्वास्थ्य ढांचे को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।