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एम्स गोरखपुर में पूर्वांचल का पहला अत्याधुनिक 'रोबोटिक सर्जरी सेंटर' शुरू: पहले दिन 3 जटिल ऑपरेशन सफल; मरीजों को अब दिल्ली-लखनऊ जाने से मुक्ति

✍️ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव 📅 प्रकाशित: 7/9/2026
एम्स गोरखपुर में पूर्वांचल का पहला अत्याधुनिक 'रोबोटिक सर्जरी सेंटर' शुरू: पहले दिन 3 जटिल ऑपरेशन सफल; मरीजों को अब दिल्ली-लखनऊ जाने से मुक्ति

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) गोरखपुर में आज 7 सितंबर 2026 को पूर्वांचल के पहले अत्याधुनिक 'रोबोटिक एवं मिनिमल इनवेसिव सर्जरी केंद्र' का विधिवत शुभारंभ हुआ। यूरोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी की विशेषज्ञ टीम ने पहले ही दिन 3 जटिल कैंसर व प्रोस्टेट की रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की। मात्र 8 मिमी के सूक्ष्म चीरे से हुई इस सर्जरी के बाद सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं। अब गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़, देवरिया और नेपाल के मरीजों को उच्च स्तरीय रोबोटिक सर्जरी के लिए दिल्ली-लखनऊ के महंगे निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा।

एम्स गोरखपुर में पूर्वांचल का पहला अत्याधुनिक 'रोबोटिक सर्जरी सेंटर' शुरू: स्वास्थ्य सेवा में ऐतिहासिक क्रांति **दैनिक गोरखपुर ब्यूरो, एम्स गोरखपुर:** गोरखपुर व समूचे पूर्वांचल की चिकित्सा व्यवस्था में आज 7 सितंबर 2026 का दिन ऐतिहासिक दर्ज हो गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) गोरखपुर के सर्जिकल ब्लॉक में अत्याधुनिक **4th जनरेशन रोबोटिक सर्जरी सिस्टम (Da Vinci Xi Surgical Robot)** का विधिवत लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही एम्स गोरखपुर पूर्वांचल और बिहार-नेपाल सीमा क्षेत्र का ऐसा पहला सरकारी संस्थान बन गया है, जहां विश्वस्तरीय रोबोटिक सर्जरी की सुविधा सामान्य मरीजों को रियायती दर पर उपलब्ध होगी। लोकार्पण के पहले ही दिन यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी की संयुक्त टीम ने 3 अत्यंत जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए: 1. **किडनी ट्यूमर का सूक्ष्म रोबोटिक ऑपरेशन:** 52 वर्षीय मरीज की सामान्य किडनी कोशिकाओं को बचाते हुए ट्यूमर को मात्र 45 मिनट में सुरक्षित निकाला गया। 2. **जटिल प्रोस्टेट कैंसर की रोबोटिक सर्जरी:** न्यूनतम रक्तस्राव और बिना किसी चीर-फाड़ के सर्जरी पूरी की गई। 3. **गंभीर हर्निया एवं गॉलब्लेडर रिकंस्ट्रक्शन:** मरीज को ऑपरेशन के मात्र 6 घंटे बाद सामान्य रूप से चलने-फिरने की अनुमति मिल गई। --- रोबोटिक सर्जरी के क्या हैं मुख्य लाभ? एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) सुरेखा किशोर और चिकित्सा अधीक्षक ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि इस रोबोटिक कंसोल से सर्जन 3D हाई-डेफिनिशन विजन में 10 गुना आवर्धित (मैग्नीफाइड) दृश्य देख पाते हैं: - **मात्र 8 मिमी का सूक्ष्म चीरा:** पारंपरिक सर्जरी में जहां 15-20 सेमी का बड़ा चीरा लगता था, वहां अब केवल छोटे कीहोल इंसिजन की आवश्यकता होती है। - **रक्तस्राव लगभग शून्य:** अत्यधिक सटीक यांत्रिक भुजाएं 360 डिग्री घूमकर नसों को नुकसान पहुंचाए बिना ऑपरेशन करती हैं। - **अस्पताल में कम समय:** मरीज को ऑपरेशन के अगले दिन ही छुट्टी मिल जाती है और संक्रमण का खतरा 90% कम होता है। - **आयुष्मान भारत के तहत कवरेज:** बीपीएल और आयुष्मान कार्डधारक पात्र मरीजों को यह विश्वस्तरीय उपचार निशुल्क अथवा नाममात्र शुल्क पर मिलेगा। --- पूर्वांचल और पड़ोसी नेपाल के मरीजों को बड़ी राहत अब तक रोबोटिक सर्जरी के लिए गोरखपुर और आसपास के जिलों (महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर) के मरीजों को लखनऊ के पीजीआई या दिल्ली एम्स और मेदांता के चक्कर काटने पड़ते थे, जहां निजी अस्पतालों में 4 से 6 लाख रुपये तक खर्च आता था। एम्स गोरखपुर में यह सुविधा शुरू होने से मध्यम व निर्धन वर्ग को लाखों रुपये की बचत होगी। नेपाल के रूपंदेही और नवलपरासी से आए तीमारदारों ने भी इस सुविधा का स्वागत करते हुए कहा कि एम्स गोरखपुर उनके लिए जीवनदायिनी वरदान साबित हो रहा है। --- मुख्य बिंदु (Key Highlights): - **संस्थान:** एम्स गोरखपुर (कुशीनगर रोड) - **तकनीक:** 4th जनरेशन 'डा विंची शी' सर्जिकल रोबोट - **पहला दिन:** 3 जटिल ऑपरेशनों का शत-प्रतिशत सफल निष्पादन - **लाभार्थी क्षेत्र:** गोरखपुर मंडल, बस्ती, देवीपाटन, आजमगढ़ एवं पश्चिमी नेपाल - **उपलब्ध विभाग:** यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, गाइनेकोलॉजी व जनरल सर्जरी